– श्याम सुंदर शर्मा
बजट में दिव्यांगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया
कोटा आल इंडिया विकलांग मित्र एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश जैन ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में दिव्यांगजनों की समस्याओं की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
उन्होंने बताया कि बजट में न तो दिव्यांग पेंशन बढ़ाने की कोई घोषणा की गई है और न ही उनके रोजगार के लिए कोई ठोस योजना प्रस्तुत की गई है। साथ ही, दिव्यांगों के रिक्त पदों (बैकलॉग) को भरने के लिए भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
जैन ने कहा कि सरकार चाहती तो दिव्यांग पेंशन में वृद्धि कर सकती थी और उन्हें बाधारहित आवागमन की सुविधा देने के लिए विशेष योजनाएं ला सकती थी, लेकिन इस दिशा में भी कोई घोषणा नहीं की गई।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में दिव्यांगजनों के लिए कोई विशेष प्रावधान न होने से उनमें भारी निराशा है। सरकार को पालनहार योजना की राशि बढ़ानी चाहिए थी तथा दिव्यांगों को स्कूटी योजना में आयु सीमा में छूट देते हुए प्रदेशभर में कम से कम 5000 स्कूटी उपलब्ध करानी चाहिए थी, लेकिन इस पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया।
अंत में उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने इस बजट के माध्यम से दिव्यांगजनों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।






