कोटा। आचार्य भगवंत श्री विद्यासागर जी महाऋषिराज के परम शिष्य एवं ज्येष्ठ निर्यापक मुनि श्री योग-सागर जी महाराज ससंघ के कोटा आगमन पर नगर में श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास का वातावरण व्याप्त हो गया। श्रद्धालुओं ने गुरुवर के दर्शन कर स्वयं को धन्य बताया। जैन अनुयायियों का कहना है कि ईश्वर को भले न देखा हो, पर आचार्य श्री विद्यासागर जी की परंपरा में दिव्यता के सजीव दर्शन अवश्य हुए हैं। मुनि संघ की उपस्थिति से शिष्य समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति की कार्यकारिणी, पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसिया जी एवं दादाबाड़ी की संपूर्ण कार्यकारिणी तथा कोटा नगर के श्रेष्ठीजनो द्वारा श्री दिगम्बर जैन मंदिर, रानपुर से जैन जन उपयोगी भवन तक विहार पश्यात भव्य एवं गरिमामय आगवानी की गई। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष प्रकाश बज, पारस सोगानी, पदम बरला, जितेंद्र हरसोरा, राकेश पाटोदी, राजमल पाटोदी, विरेंद्र आदिनाथ, विजय दुगेरिया, अंकित हरसोरा सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
समिति के महामंत्री महेंद्र कासलीवाल ने बताया कि श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के साथ-साथ मंदिर की महिला कार्यकारिणी की ओर से अर्चना (रानी) दुगेरिया सर्राफ, इंद्रा बरमुंडा, आशा श्रीमाल, राजेश गुड, नेहा हरसोरा, मंजू पाटनी, विमला बोरखंडिया आदि ने मुनि संघ का पाद-प्रक्षालन कर मंगल कामनाएँ कीं।
नसिया जी दादाबाड़ी के अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने बताया कि विशाल मुनि संघ को कोटा में दीर्घकालीन प्रवास प्राप्त हो, इसके लिए नगर के समस्त जैन मंदिरों की कार्यकारिणियाँ प्रयासरत हैं। शीघ्र ही श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति एवं मंदिर कार्यकारिणियों के आपसी समन्वय से संघ-अनुकूल कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
इस अवसर पर भानु बोरखंडिया, सुमीत सेंकी, लोकेश पवन पाटोदी, हरसौरा परिवार, गोरा बाई, हर्षा कोटिया, कमल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।







