कोटा/हाडोती: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर हाडोती में राष्ट्रभक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रखर समाजसेवी आबिद खान के नेतृत्व में ‘गणतंत्र स्वतंत्र वीर कथा’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को उन महानायकों के बलिदान से रूबरू कराना था, जिन्होंने भारत के संविधान और आजादी के सपने को सच करने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
महानायकों का स्मरण और संदेश:कार्यक्रम के दौरान आबिद खान ने शहरवासियों को संबोधित करते हुए देश की चार महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया:
महात्मा गांधी: उन्होंने बताया कि कैसे बापू ने सत्य और अहिंसा को वैश्विक हथियार बनाया।
गांधीजी ने जेल में रहते हुए भी समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए कड़ा संघर्ष किया।
खान अब्दुल गफ्फार खान: ‘सरहदी गांधी’ के नाम से विख्यात बाचा खान के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वे अहिंसा के अडिग प्रतीक थे।
कांग्रेस के अनुसार, उन्होंने पश्तूनों के बीच ‘खुदाई खिदमतगार’ आंदोलन के जरिए भाईचारे की मिसाल पेश की।
चंद्रशेखर आजाद: शौर्य की चर्चा करते हुए उन्होंने आजाद की उस शपथ को याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वे कभी जीवित नहीं पकड़े जाएं, 15 वर्ष की आयु में ही उन्होंने अपना नाम ‘आजाद’ बताकर अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी।
बिस्मिल्लाह खान: गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की चर्चा करते हुए आबिद खान ने कहा कि उनकी शहनाई ने देश को सांप्रदायिक सद्भाव और एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया।
संविधान की सर्वोच्चता:-आबिद खान ने इस बात पर जोर दिया कि 26 जनवरी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि हमारे संविधान की शक्ति का उत्सव है, जो हर नागरिक को समानता और न्याय का अधिकार देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नफरत को त्यागकर प्रेम और सेवा के मार्ग पर चलें।
इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे हाडोती क्षेत्र में देशभक्ति की लहर दौड़ गई और लोगों ने एकजुट होकर भारत को और सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
हाडौती की धरा पर गूंजी वीरों की शौर्य गाथा; आबिद खान ने युवाओं को दिलाया राष्ट्रसेवा का संकल्प






