नई दिल्ली /भारत अपने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव देश भर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मिलिट्री बैंड प्रदर्शन के माध्यम से मना रहा है। इस उत्सव का उद्देश्य राष्ट्रीय गौरव और एकता को बढ़ावा देना है।
इन समारोहों के एक अंग के रूप में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के 31 संगीतकारों से युक्त बैंड ने 21 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के राजीव चौक स्थित एम्फीथिएटर में प्रदर्शन किया। 45 मिनट की इस प्रस्तुति में ब्रास, बांसुरी, स्ट्रिंग और इलेक्ट्रॉनिक वाद्ययंत्रों से ग्यारह मनमोहक धुनें प्रस्तुत की गईं। इस प्रस्तुति में ‘वंदे मातरम’ और ‘सिंदूर’ गीत, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता को याद करने के लिए तैयार किया गया था, प्रस्तुति के मुख्य आकर्षण रहे।
संगीत सदियों से भारतीय संस्कृति का एक अनमोल रत्न रहा है। यह भारत की समृद्ध सैन्य विरासत का भी अभिन्न अंग है, जो एकता को सुदृढ़ करता है और वीरता की प्रेरणा देता है। 1944 में अपनी स्थापना के बाद से भारतीय वायु सेना बैंड, भारतीय और पश्चिमी संगीत की विविधतापूर्ण प्रस्तुतियों के साथ, देश की सैन्य परंपरा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। भारतीय वायु सेना बैंड का उद्देश्य अपने मनमोहक प्रदर्शनों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को प्रेरित करना और एकता का प्रसार करना है।




