अखिल नामा बारां संवाददाता ✍️
बारां/शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के अंतर्गत शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति, बारां के प्रतिनिधिमंडल ने श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ, बारां के दौरान राष्ट्रीय संत एवं श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरी जी महाराज से भेंट कर ग्रीनको एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद की प्रस्तावित हाइड्रो पावर प्लांट परियोजना के विरोध में ज्ञापन सौंपा। समिति ने शाहबाद तहसील क्षेत्र में केंद्र व राज्य सरकार की स्वीकृति से 25 लाख से अधिक पेड़ों की प्रस्तावित कटाई को रोकने के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।
समिति के सदस्यों ने स्वामी जी से आग्रह किया कि वे इस गंभीर पर्यावरणीय विषय पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर शाहबाद घाटी के जंगलों, जैव विविधता, वन्यजीवों एवं स्थानीय जनजीवन को होने वाले अपूरणीय नुकसान को रोकने हेतु हस्तक्षेप करें।
ज्ञापन पर सहमति व्यक्त करते हुए स्वामी गोविन्द देव गिरी जी महाराज ने कहा कि “पर्यावरण संरक्षण आज केवल सामाजिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है।” उन्होंने केंद्र सरकार की “एक पेड़ माँ के नाम” योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ओर वृक्षारोपण का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विकास के नाम पर लाखों पेड़ों की कटाई की अनुमति देना नीतिगत विरोधाभास को दर्शाता है। स्वामी जी ने इस संदर्भ में केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन को नैतिक समर्थन देने की घोषणा की।

इस अवसर पर स्वामी जी ने समिति द्वारा तैयार किए गए समर्थन बैनर का विमोचन करते हुए आश्वासन दिया कि “प्रकृति, जंगल और पर्यावरण की रक्षा के लिए संत समाज सदैव जन आंदोलनों के साथ खड़ा रहेगा और इस विषय को प्रधानमंत्री तक पहुँचाने के प्रयास किए जाएंगे।”
कार्यक्रम में शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति के संरक्षक प्रशांत पाटनी, अध्यक्ष मुकेश सोनी, शशांक नंदवाना, सत्यप्रकाश राठौर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने स्वामी गोविन्द देव गिरी जी महाराज के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।






