रिपोर्ट: श्याम सुंदर शर्मा
कोटा। बूंदी जिले के नमाना तामोरिया चौक निवासी मांगीलाल पुत्र छोटेलाल गोस्वामी की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों ने कोटा के एमबीएस अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मांगीलाल की पत्नी नानी बाई ने बताया कि 21 तारीख को हुई एक दुर्घटना में उनके पति का एक पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते उसे काटना पड़ा। वहीं दूसरे पैर में भी लगातार गंभीर संक्रमण एवं सड़न बढ़ती जा रही है।
पीड़िता नानी बाई ने बताया कि दुर्घटना के बाद से वह अपने पति के उपचार के लिए लगातार अस्पतालों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उन्हें उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। उनका आरोप है कि चिकित्सकों द्वारा उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजा जा रहा है, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ती जा रही है।
नानी बाई ने भावुक होकर बताया कि मांगीलाल परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। उनका 13 वर्षीय पुत्र 13वर्ष दीपक गोस्वामी पिता की गंभीर हालत को देखकर मानसिक रूप से परेशान है। उन्होंने कहा कि इलाज के अभाव में उनके पति कई बार बेहोशी की स्थिति में पहुंच चुके हैं।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण मरीज को अस्पताल परिसर के बाहर छोड़ दिया गया, जिससे परिवार की परेशानियां और बढ़ गई हैं। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन, चिकित्सा विभाग एवं जनप्रतिनिधियों से मामले में हस्तक्षेप कर उचित उपचार एवं न्याय दिलाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों एवं समाजसेवियों ने भी इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते गंभीर मरीजों को उचित उपचार नहीं मिला तो ऐसी घटनाएं आमजन के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं।
पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री एवं जिला प्रशासन से मानवीय आधार पर तत्काल सहायता प्रदान करने तथा मांगीलाल का समुचित उपचार सुनिश्चित कराने की अपील की है।
















