Sunday, April 19, 2026
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स्वामी जी के आध्यात्मिक संदेशों को ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प में बदलती युवा शक्ति

युवा दिवस विशेष

नरेन्द्र’ के स्वप्न को ‘नरेन्द्र’ की उड़ान: राजस्थान में युवा-चेतना का सूर्योदय

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स्वामी जी के आध्यात्मिक संदेशों को ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प में बदलती युवा शक्ति

✍️ डॉ. नयन प्रकाश गांधी

(युवा मैनेजमेंट विश्लेषक एवं पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट)

“बीते वर्षों में पेपर लीक जैसी घटनाओं ने राजस्थान के युवा मन में अविश्वास पैदा किया था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। प्रधानमंत्री मोदी के “जीरो टॉलरेंस” मंत्र को अपनाते हुए राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। एसआईटी का गठन, रिक्रूटमेंट कैलेंडर और जवाबदेह प्रशासन,इन सुधारों ने युवाओं में फिर विश्वास जगाया है कि मेहनत और योग्यता की कद्र होगी। यह केवल प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि युवाओं के अंदर आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण की प्रक्रिया है, जिसकी नींव विवेकानंद के विचारों में निहित है”

स्वामी विवेकानंद का “कर्मयोग” आज “कौशल विकास” का रूप ले चुका है। नई शिक्षा नीति ने शिक्षा को केवल डिग्री नहीं, बल्कि जीवन कौशल से जोड़ा है। राजस्थान सरकार ने तकनीकी, व्यावसायिक व डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में नए कार्यक्रम शुरू किए हैं।

‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ को स्थानीय हस्तशिल्प से जोड़कर रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। कोटा, जयपुर और जोधपुर ,उदयपुर अब ‘इनोवेशन हब’ बनकर उभर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्रों में प्रशिक्षण युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार कर रहा है।

👊उद्यमिता का उत्सव: जॉब सीकर नहीं, जॉब मेकर

स्वामी विवेकानंद ने कहा था “कायर मत बनो, साहसी बनो।” यह साहस आज स्टार्टअप संस्कृति में दिख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल और राज्य की ‘आई स्टार्ट’ नीति ने युवाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने की प्रेरणा दी है।

सरकार ने उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं के तहत बिना गारंटी के ऋण, मेंटरशिप और इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए हैं। एग्री-टेक और ग्रामीण टूरिज्म जैसे क्षेत्र युवाओं के नवाचार से समृद्ध हो रहे हैं। यह न केवल रोज़गार सृजन है, बल्कि सच्चे अर्थों में आर्थिक राष्ट्रवाद भी है।

🕸️खेल और स्वास्थ्य: मजबूत मन, स्वस्थ तन

“गीता पढ़ने से पहले फुटबॉल खेलो”—स्वामी जी का यह संदेश आज भी प्रासंगिक है। भजनलाल डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में राजस्थान में ‘खेलेगा राजस्थान, तो खिलेगा राजस्थान’ अभियान और ग्रामीण-शहरी ओलंपिक की निरंतरता ने नई खेल संस्कृति को जन्म दिया है। राज्य सरकार ने 2025–26 में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में अवसर देने के साथ जिला स्तर पर नई खेल अकादमियाँ शुरू की हैं। यह पूरे समाज ,हर वर्ग में अनुशासन, टीम भावना और आत्मबल पैदा करने का एक अभियान है। प्रधानमंत्री मोदी का ‘फिट इंडिया’ अभियान अब गांव-गांव तक पहुँच रहा है,इसलिए भारत की आयुर्वेदिक एवं योग क्रांति पूरे विश्व में तीव्र गति से प्रसारित हो रही है ।

🕸️संस्कृति और आध्यात्मिक जुड़ाव

विकास का अर्थ अपनी जड़ों से दूर जाना नहीं है।प्रधानमंत्री मोदी ने “पंच प्रण” में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने का आह्वान किया है। राजस्थान सरकार की ‘हेरिटेज यूथ टूरिज्म’ और सांस्कृतिक कोरिडोर जैसी पहलें इस दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं। जब राजस्थान का युवा मीरा की कविता, प्रताप के साहस और पन्नाधाय के त्याग के साथ डिजिटल युग की बात करता है, तब वह परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मेल प्रस्तुत करता है।

 

**चुनौतियां और आगे की राह**

डॉ नयन प्रकाश गांधी का मानना है कि फिर भी कुछ चुनौतियां शेष हैं,नशाखोरी, डिजिटल व्यसनों और मानसिक तनाव से जूझते युवाओं की संख्या बढ़ रही है। तकनीक के एक और जहां लाभ है वहीं इसके दुष्प्रभाव भी है ,अब आध्यात्मिक प्रसार के साथ युवा को डिजिटल के दुष्प्रयोग पर भी जागरूक करना होगा ,आज हर घर में नई युवा पीढ़ी कई बीमारियों ,मानसिक तनाव में स्वय को धकेलती जा रही है ,डिजिटल तकनीक के खासे उपयोग से युवा स्वास्थ्य पर गहरा असर हो रहा है सामाजिक पारिवारिक दुष्प्रभाव भी बढ़ा है इसके प्रति जागरूकता आने वाले समय में युवा गांधी मानते है कि यही सबसे बड़ी चुनौती होंगी,खासकर कोटा ही नहीं अपितु देश के कई बड़े शहरों में विभिन्न क्षेत्र के कोचिंग हब जैसे दिल्ली ,जयपुर ,इंदौर ,भोपाल आदि शहरों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर और अधिक कदम उठाने होंगे ,तभी असमय युवाओं को बचाया जा सकेगा,यह तभी संभव है सामाजिक जागरूकता और सहभागिता एक साथ हो । ‘नरेन्द्र से नरेन्द्र तक’ की यह यात्रा केवल विचार नहीं, बल्कि नई कार्यसंस्कृति का संदेश है। राजस्थान अब निराशा से निकलकर उम्मीद के युग में प्रवेश कर चुका है। युवाओं के हाथों में लैपटॉप है, और दिल में राष्ट्रप्रेम। स्वामी विवेकानंद ने कहा था “अनंत ऊर्जा तुम्हारे भीतर है, उसे बाहर लाओ।” राजस्थान सरकार ने उस ऊर्जा को बाहर लाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। अब यह जिम्मेदारी सरकार के साथ समाज और युवा तीनों एक साथ मिलकर निभाने की है कि पारदर्शिता से ,निष्ठावान तरीके से आज का युवा अपने रुचिकर क्षेत्र में पूरे मनोयोग से तल्लीनता से कार्य करे और आगे बढ़े

🖋️ *लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार एवं युवा मामलों के विश्लेषक हैं।*

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