कोटा | स्टेशन क्षेत्र
कोटा शहर के स्टेशन क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां पतंग लूटने के दौरान 12 वर्षीय बालक छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में बच्चे के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल अवस्था में परिजन उसे तत्काल एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज में देरी और अव्यवस्थाओं को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना डडवाड़ा गली नंबर-2 की है। सुबह करीब साढ़े आठ बजे कान्हा सिंह अपने घर की छत पर मौजूद था। इसी दौरान आसमान से कटकर आ रही एक पतंग को पकड़ने के प्रयास में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिर पड़ा। नीचे गिरते ही कान्हा के सिर और मुंह पर गहरी चोटें आईं, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया।
घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों की मदद से परिजन बच्चे को तुरंत एमबीएस अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि गंभीर हालत होने के बावजूद इलाज शुरू करने में अनावश्यक देरी की गई, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई।
बच्चे के दादा वीरेंद्र सिंह हाड़ा ने बताया कि कान्हा की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे लगातार निगरानी में रखा गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं को और बेहतर बनाया जाए, ताकि ऐसे मामलों में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
इस हादसे के बाद एक बार फिर पतंगबाजी के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पतंग लूटने के चक्कर में बच्चे अक्सर छतों पर खतरनाक स्थिति में पहुंच जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे हो सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों पर विशेष नजर रखें और उन्हें इस तरह के जोखिम भरे कार्यों से दूर रखें।






