भजनलाल सरकार और केंद्र की संयुक्त पहल से डिजिटल राजस्थान का सपना अब वास्तविकता के करीब
✍️ डॉ. नयन प्रकाश गांधी
(पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट एवं एलुमनाई, आईआईपीएस मुंबई),कोटा (राजस्थान)
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“राजस्थान ने सिद्ध कर दिया है कि डिजिटल परिवर्तन क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राष्ट्रीय विज़न का सुंदर संगम हो सकता है। भजनलाल शर्मा सरकार और केंद्र सरकार की यह संयुक्त पहल न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे भारत के लिए एआई युग का स्वागत है। ”
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल भविष्य की कल्पना नहीं, बल्कि भारत के वर्तमान विकास एजेंडे का केन्द्रीय आधार बन चुकी है। जयपुर के जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्टकॉन्फ्रेंस-2026 ने सिद्ध कर दिया कि राजस्थान अब तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि एआई नवाचार और नीति-निर्माण का अग्रणी केंद्र बनने को तैयार है।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस उद्घाटन सत्र में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद की वर्चुअल उपस्थिति ने डबल इंजन सरकार के तकनीकी समन्वय का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत किया। यह घटना केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि राजस्थान के डिजिटल परिवर्तन की नई दिशा का प्रतीक बनी।इस कॉन्फ्रेंस के दौरान लॉन्च किया गया नेशनल एआई लिटरेसी प्रोग्राम राज्य के युवाओं, छात्रों और शिक्षकों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह कार्यक्रम तकनीकी ज्ञान को ग्रामीण विद्यालयों से शहरी कॉलेजों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा, जिससे राजस्थान के युवा वैश्विक एआई अर्थव्यवस्था में सहज प्रवेश कर सकेंगे।भजनलाल सरकार की यह पहल विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि यह स्थानीय भाषा और संस्कृति के अनुरूप प्रशिक्षण पर जोर देती है। इससे डिजिटल असमानता मिटेगी और तकनीक हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचेगी।राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी 2026 का लॉन्च इस कॉन्फ्रेंस की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। यह नीति स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच साझेदारी को मजबूत करेगी, साथ ही एआई के नैतिक उपयोग पर कड़ा नियंत्रण सुनिश्चित करेगी।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह दृष्टिकोण कि “एआई अब सामाजिक-आर्थिक विकास का शक्तिशाली इंजन है” राज्य के प्रशासनिक परिवर्तन का संकेत देता है। यह पॉलिसी डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और निष्पक्षता पर आधारित है, जो राजस्थान को जिम्मेदार एआई का मॉडल राज्य बनाएगी।

👊आई स्टार्ट एलएमएस और एवीजीसी-एक्सार: भविष्य की नींव
iStart LMS के माध्यम से स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी। यह लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम युवाओं को एआई-एमएल कौशल प्रदान करेगा, जिससे कौशल अंतर को पाटा जा सकेगा।राजस्थान AVGC-XR पोर्टल रचनात्मक उद्योगों के लिए नया अवसर खोलेगा। एनिमेशन, गेमिंग और एक्सटेंडेड रियलिटी क्षेत्र में राजस्थानी युवा अब वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। राजस्थान एआई पोर्टल सभी एआई संबंधी सूचनाओं का एकीकृत केंद्र बनेगा।होलोग्राफी तकनीक के माध्यम से गूगल,आईआईटी दिल्ली और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर जैसे संस्थानों के साथ एमओयू प्रदर्शन ने तकनीकी साझेदारी का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। यह केवल औपचारिक समझौते नहीं, बल्कि नवाचार के लिए रणनीतिक गठबंधन हैं।केंद्र सरकार का यह समर्थन राजस्थान को भारत के एआई हब के रूप में स्थापित करने की दृढ़ प्रतिबद्धता दर्शाता है। अश्विनी वैष्णव और जितिन प्रसाद की उपस्थिति ने संघीय सहयोग का आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिद्ध कर दिया है कि तकनीकी नेतृत्व केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस क्रियान्वयन से मापा जाता है। ई-मित्र से राज-ई-साइन और अब एआई पोर्टल तक की यात्रा राजस्थान के डिजिटल परिवर्तन की गति को दर्शाती है।यह सरकार ग्रामीण राजस्थान को भी डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कटिबद्ध है। एआई आधारित कृषि सलाहकार, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा समावेशी विकास के नए द्वार खोलेंगी।
👊केंद्र-राज्य समन्वय: डिजिटल इंडिया का वास्तविक स्वरूप
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केंद्रीय नेतृत्व का सक्रिय सहयोग इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल इंडिया अब केवल केंद्रीय योजना नहीं, बल्कि राज्यों के माध्यम से धरातल पर उतर रहा है। राजस्थान ने डिजिटल इंडिया मिशन को न केवल अपनाया, बल्कि इसे क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला भी है।यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है। जब तकनीक और नीति का यह तालमेल बना रहेगा, भारत वैश्विक डिजिटल नेतृत्व की दौड़ में अवश्य अग्रणी होगा।
🗣️ग्रामीण राजस्थान का एआई सशक्तिकरण -समय की आवश्यकता
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सच्ची सफलता तब होगी जब एआई का लाभ मुख्य स्मार्ट सिटीज तक सीमित न रहे। भजनलाल सरकार को ग्रामीण पंचायतों में एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली स्थापित करने पर ध्यान देना होगा। स्थानीय भाषा में एआई चैटबॉट्स, कृषि पूर्वानुमान और स्वास्थ्य निदान ग्रामीण जीवन को बदल सकते हैं।महिला साक्षरता और कौशल विकास में भी एआई की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट डॉ नयन प्रकाश गांधी का मानना है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता ही सच्चा परिवर्तन लाएगी।राजस्थान ने सिद्ध कर दिया है कि डिजिटल परिवर्तन क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राष्ट्रीय विज़न का सुंदर संगम हो सकता है। भजनलाल शर्मा सरकार और केंद्र सरकार की यह संयुक्त पहल न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे भारत के लिए एआई युग का स्वागत है।






