Tuesday, June 2, 2026
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बारां में भक्ति का महायज्ञ — श्रीमद् भागवत कथा में गूंजे सती, भरत, नृसिंह, अजामिल व ध्रुव चरित्र के दिव्य संदेश

जितेंद्र कुमार शर्मा✍️

बारां/वराह नगरी बारां में विष्णु साबू परिवार, बारां द्वारा स्वर्गीय मुरलीधर साबू मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ 5 जनवरी से 11 जनवरी तक अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हो रहा है।

इस पावन आयोजन में कथा पीठाधीश्वर, राष्ट्रीय संत एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पूज्य श्री गोविन्द देव गिरी जी महाराज द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण के दिव्य प्रसंगों पर सारगर्भित, तर्कसंगत एवं प्रेरणादायी प्रवचन दिए जा रहे हैं।

कथा के प्रमुख प्रसंगों में सती चरित्र, भरत चरित्र, नृसिंह अवतार, अजामिल उद्धार एवं ध्रुव आख्यान का अत्यंत भावपूर्ण विवेचन किया गया।

सती चरित्र पर प्रवचन करते हुए पूज्य महाराज ने नारी के त्याग, पतिव्रत धर्म, आत्मसम्मान एवं सत्य के प्रति अडिग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सती का जीवन चरित्र आज भी समाज के लिए आदर्श है और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करता है।

भरत चरित्र के माध्यम से महाराज ने वैराग्य, कर्तव्यनिष्ठा एवं आत्मसंयम की महत्ता को रेखांकित करते हुए बताया कि वैभव और सत्ता के मध्य रहते हुए भी आत्मकल्याण सर्वोपरि होना चाहिए।

नृसिंह अवतार प्रसंग में भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति, साहस एवं ईश्वर पर पूर्ण विश्वास का मार्मिक वर्णन किया गया। महाराज ने कहा कि अधर्म के विनाश और धर्म की रक्षा हेतु भगवान अपने भक्तों के लिए किसी भी रूप में अवतरित होते हैं।

अजामिल उद्धार प्रसंग के माध्यम से उन्होंने नाम स्मरण की महिमा बताते हुए कहा कि जीवन में चाहे कितनी ही भूलें क्यों न हो जाएं, अंत समय में भी यदि भगवान के नाम का स्मरण हो जाए तो उद्धार संभव है। यह प्रसंग ईश्वर की करुणा और अनंत कृपा का प्रतीक है।

ध्रुव आख्यान में बालक ध्रुव की अडिग तपस्या, दृढ़ संकल्प एवं अनन्य भक्ति का उल्लेख करते हुए महाराज ने कहा कि सच्ची लगन, अनुशासन और श्रद्धा से भगवान को भी प्रकट होना पड़ता है। ध्रुव का जीवन आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं वरिष्ठजन उपस्थित होकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार एवं भक्तिमय वातावरण से संपूर्ण क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत है।

आयोजक विष्णु साबू परिवार ने बताया कि इस श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति, सदाचार एवं नैतिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना है। कथा में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है तथा किसी प्रकार के कार्ड या आमंत्रण पत्र की आवश्यकता नहीं है।

स्वर्गीय मुरलीधर साबू मेमोरियल ट्रस्ट एवं विष्णु साबू परिवार ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में पधारकर इस पावन श्रीमद् भागवत कथा से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

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