कोटा/आमतौर पर विवाह के बाद घरों में शगुन लेने के लिए ट्रांसजेंडर्स पहुंचते हैं। लेकिन एक दिन पहले नारी निकेतन में सम्पन्न हुए रीना और धर्मराज के विवाह पर ट्रांसजेंडर्स ने नया कोटा किन्नर प्रमुख रीना दीदी, डीसीएम किन्नर प्रमुख मनीषा देवी एवं मंगलमुखी नैना देवी के नेतृत्व में अनोखी पहल कर हर किसी का दिल जीत लिया। किन्नर समुदाय की ओर से विवाह में सामूहिक भोज की व्यवस्था की गई। साथ ही, वधु को कन्यादान में स्वर्ण रजत के उपहार भी भेंट किए। मंगलमुखी किन्नर प्रमुखों का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कर्मयोगी सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष राजाराम जैन कर्मयोगी ने बताया कि 11 दिसंबर को नारी निकेतन में 13 साल से रह रही रीना का विवाह धर्मराज के साथ संपन्न हुआ था। इस विवाह में उपस्थित सभी नागरिकों के लिए नया कोटा प्रमुख रीना दीदी किन्नर द्वारा 300 से अधिक लोगों के लिए बफर डिनर की व्यवस्था की गई। वहीं डीसीएम क्षेत्र किन्नर प्रमुख मनीषा बाई एवं मंगलमुखी नैना देवी ने अपने समूह के साथ पहुंचकर वधु को सोने की अंगूठी उपहार स्वरूप भेंट की। ऐसे में, आमतौर पर किन्नर समाज को शादी या अन्य समारोह में बधाई मांगते देखा जाता रहा है, लेकिन नारी निकेतन में पहुंचे एक दर्जन से भी अधिक किन्नर ने वर वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने सोने की अंगूठी भेंट की और अपने सामाजिक सरोकारों का निर्वहन कर उपस्थित गणमान्य नागरिकों के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ दी।
विगत वर्षों से किन्नर समाज से जुड़े कर्मयोगी सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष राजाराम जैन कर्मयोगी ने बताया कि उन्होंने इस विवाह में सहयोग के लिए मंगलमुखी किन्नर प्रमुखों से अनुरोध किया था। जिसे उन्होंने तुरंत स्वीकार करते हुए अपना सहयोग प्रदान किया। इससे पहले भी नारी निकेतन की तीन कन्याओं के विवाह में कोटा मंगलमुखी किन्नर प्रमुखों द्वारा अपना सहयोग प्रदान किया गया था। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की संयुक्त निदेशक सविता कृष्णेया एवं नारी निकेतन की अधीक्षक अंशुल मेहंदीरत्ता ने गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में साफा, दुपट्टा ओढ़ाकर प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। मोतियों की माला पहनाते हुए सम्मानित किया।






