ईमेल में RDX से ब्लास्ट की चेतावनी, पुलिस–सेना समेत सभी एजेंसियां अलर्ट — सर्च में कुछ नहीं मिला
कोटा।सोमवार सुबह राजस्थान में दो बड़े शहरों—कोटा और जयपुर—को बम धमाके से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। कोटा कलेक्ट्रेट, जवाहर नगर स्थित शिखर कोचिंग सेंटर और जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट को लक्षित करते हुए आया धमकी भरा ईमेल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन गया।
ईमेल मिलते ही पुलिस, सेना, ATS, SOG, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों को तुरंत सक्रिय किया गया। तीनों स्थानों को खाली कराया गया और कड़ी घेराबंदी के बीच गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
धमकी भरे ईमेल में क्या लिखा था,कोटा कलेक्टर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर सुबह करीब 7:20 बजे एक मेल आया।
ईमेल में लिखा था—
“कोटा कलेक्ट्रेट और जवाहर नगर में स्थित शिखर कोचिंग को RDX बम से उड़ाया जाएगा।”
मेल भेजने वाले ने खुद को केरल का निवासी बताते हुए धमकी की जिम्मेदारी भी ली। यह मेल मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे अत्यंत गंभीर मानकर सभी प्रोटोकॉल लागू कर दिए।
कोटा कलेक्ट्रेट और कोचिंग सेंटर खाली करवाया गया
धमकी की पुष्टि होते ही कोटा कलेक्ट्रेट परिसर को तत्काल खाली कराया गया। कर्मचारी, मुवक्किल और आम लोग सभी को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।
इसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने:कलेक्ट्रेट के हर ब्लॉक,रिकॉर्ड रूम,पार्किंग,कोचिंग सेंटर के क्लासरूम,आसपास के मार्ग व सार्वजनिक स्थल की जांच की।जयपुर हाईकोर्ट का परिसर भी हुआ सील, तलाशी अभियान शुरू
इसी ईमेल में हाईकोर्ट को उड़ाने का भी जिक्र था।जानकारी मिलते ही जयपुर में हाईकोर्ट की सुरक्षा तत्काल बढ़ा दी गई।
हाईकोर्ट परिसर में:प्रवेश प्रतिबंधित किया गया,पार्किंग को खाली कराया गया,बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने पूरी बिल्डिंग की तलाशी ली,करीब एक घंटे तक पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट का माहौल रहा।
किसी भी स्थान पर नहीं मिली संदिग्ध वस्तु तीनों स्थानों पर सेना, पुलिस, SOG, ATS और BDDS टीमों ने कई राउंड तलाशी की, मगर कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इससे स्पष्ट हुआ कि धमकी फर्जी थी लेकिन बड़ी सुरक्षा चुनौती थी।कोटा कलेक्टर पीयूष समारिया ने बताया—“सुबह 7:20 बजे धमकी भरा ईमेल मिला। इसकी सूचना मिलते ही हमने तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया।”
“मेल भेजने वाले ने खुद को केरल से होने का दावा करते हुए धमकी की जिम्मेदारी ली है। पूरे मामले की साइबर जांच करवाई जा रही है।”
अब साइबर टीम कर रही ईमेल की ट्रेसिंग
पुलिस ने ईमेल आईडी, सर्वर और IP एड्रेस की जांच शुरू कर दी है।साइबर सेल यह पता लगाने में जुटा है कि मेल वास्तव में कहां से भेजा गया और क्या इसमें किसी संगठित गैंग का हाथ है।हालांकि तलाशी में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, लेकिन प्रशासन का दावा है कि यह घटना सुरक्षा तैयारियों की मजबूती और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता का संकेत है।






