Wednesday, August 12, 2026
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मां की स्मृतियों से जन्मी उज्ज्वला क्रांति: मोदी के नेतृत्व में महिला गरिमा की ओर

मोदी जन्मदिवस द्वितीय दिन सेवा पखवाड़ा विशेष 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्षों और संवेदना की मिसाल है। गुजरात के वडनगर में एक साधारण परिवार में जन्मे नरेंद्र मोदी को बचपन में अपनी मां हीराबेन को अक्सर मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाते हुए धुएं से जूझते देखना पड़ता था। चूल्हे का वह धुआं, आंखों में चुभन और सांस लेने में तकलीफ मोदी को बचपन से ही कचोटता रहा। मां की पीड़ा और घर की महिलाओं की समस्याएं उन्होंने करीब से देखीं और महसूस किया। यही अनुभव उनके मन में महिला गरिमा और स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता और संवेदनशीलता का बीज बो गया।प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने उन करोड़ों महिलाओं के दर्द को समझा, जो आज भी देशभर के गांवों और गरीब इलाकों में चूल्हे के धुएं की यातना झेल रही थीं। जीवनभर की उस पीड़ा को दूर करने के लिए मोदी ने 2016 में ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ की शुरुआत की—एक ऐसी योजना जिसने भारत में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और गरिमा की नई परिभाषा दी।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ़्त में एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना था, ताकि घर के चूल्हे से उठने वाले घातक धुएं से उन्हें मुक्ति मिल सके। इस योजना के तहत बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को डायरेक्ट सब्सिडी के साथ गैस सिलिंडर, चूल्हा और कनेक्शन मुफ्त दिया गया।वर्ष 2025 तक सरकार ने 10 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन पात्र महिलाओं को दिए।गाँवों, आदिवासी इलाकों, पिछड़े और दुर्दराज़ के क्षेत्रों में महिला-पुरुष दोनों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार आया।विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने उज्ज्वला योजना की सराहना की। मोदी के हर कथन हर तथ्य का बारीकी से विश्लेषण करने वाले अंतराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान मुंबई के एलुमनाई एवं युवा पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट डॉ नयन प्रकाश गांधी का मानना हैं कि आज असंख्य मा बहन ,बेटियों ,बालिकाओं के प्रेरणास्रोत प्रधानमंत्री मोदी हर मंच पर अपनी मां के संघर्षों को याद कर बताते हैं कि उनका उद्देश्य देश की हर मां को धुएं की तकलीफ से आज़ादी दिलाना है,मोदी कहते है “मेरी मां भी धुएं से जूझती थीं। आज मुझे यह गर्व है कि करोड़ों मांओं को उज्ज्वला योजना ने राहत दी है,”यह मोदी की व्यक्तिगत संवेदना का प्रमाण है।उज्ज्वला योजना ने समाज में महिलाओं की भूमिका को बदल दिया। चूल्हे के धुएं से आज़ाद महिलाओं की गरिमा, आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ा। अब वे घर के फैसलों में बराबर भागीदार बनीं क्योंकि उनका स्वास्थ्य और समय दोनों सुरक्षित हुए। यह परिवर्तन सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और महिला अधिकारों की दिशा में सबसे बड़ा कदम था।

✍️डॉ.नयन प्रकाश गांधी

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