Saturday, April 18, 2026
IMG-20260122-WA0067
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

भ्रामक विज्ञापन के लिए ऑनलाइन राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म रैपिडो पर 10 लाख का जुर्माना लगाया

नई दिल्ली /केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक और कार्रवाई करते हुए रैपिडो (रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड) को भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 10 लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है।

इसके अलावा, प्राधिकरण ने ऑनलाइन राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि “5 मिनट में ऑटो या 50 रुपये प्राप्त करें” ऑफर वाली योजना में शामिल सभी उपभोक्ताओं को वायदे के मुताबिक अगर 50 रुपये मुआवजा नहीं मिला है, तो उन्‍हें बिना किसी देरी या शर्त के पूरी राशि वापस की जाए।

सीसीपीए ने रैपिडो के उन भ्रामक विज्ञापनों का संज्ञान लिया जिनमें उपभोक्ताओं को “5 मिनट में ऑटो या 50 रुपये पाएं” और “गारंटीड ऑटो” का वादा किया गया था। विस्तृत जांच के बाद, सीसीपीए ने इन विज्ञापनों को झूठा, भ्रामक और उपभोक्ताओं के प्रति अनुचित पाया और इन भ्रामक विज्ञापनों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया।

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के आंकड़ों से पता चला:अप्रैल 2023 और मई 2024 के बीच रैपिडो के खिलाफ 575 शिकायतें। जून 2024 और जुलाई 2025 के बीच 1,224 शिकायतें।

सीसीपीए की जांच में पाया गया कि रैपिडो के विज्ञापनों में “नियम व शर्तें लागू” वाला अस्वीकरण बेहद छोटे और अपठनीय फ़ॉन्ट में प्रदर्शित किया गया था। वादा किया गया 50 रुपये का लाभ वास्तविक मुद्रा (रुपये में) नहीं बल्कि “रैपिडो सिक्के” थे और तब भी, लाभ “50 रुपये तक” था पर यह हमेशा 50 रुपये नहीं होता था। इन सिक्कों को केवल रैपिडो बाइक राइड के बदले ही भुनाया जा सकता था और इनकी वैधता केवल 7 दिनों की थी। इस तरह के प्रतिबंधों ने ऑफ़र के मूल्य को कम कर दिया और उपभोक्ताओं को अनुचित रूप से कम समय के भीतर रैपिडो की दूसरी सेवा का उपयोग करने के लिए प्रभावी रूप से मजबूर किया। इस तरह की चूक ने सुनिश्चित सेवा की झूठी धारणा बनाई और उपभोक्ताओं को रैपिडो चुनने के लिए गुमराह किया।

नियम और शर्तों में कहा गया था कि गारंटी व्यक्तिगत कैप्टन द्वारा दी जा रही है, न कि रैपिडो द्वारा। इस विरोधाभासी रुख ने कंपनी से दायित्व हटाने का प्रयास किया, जिससे विज्ञापन में दिए गए आश्वासन के बारे में उपभोक्ताओं को गुमराह किया गया।

भ्रामक विज्ञापनों और समर्थनों की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश, 2022 में कहा गया है कि विज्ञापनों में अस्वीकरण मुख्य दावे का खंडन नहीं करेंगे, महत्वपूर्ण जानकारी को नहीं छिपाएंगे, या भ्रामक दावे को सही करने के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे। रैपिडो के मामले में, ‘गारंटीड ऑटो’ और ‘5 मिनट में ऑटो या 50 रुपये प्राप्त करें’ दावों ने एक धारणा बनाई कि यदि उपभोक्ताओं को 5 मिनट के भीतर ऑटो प्रदान नहीं किया गया तो उन्हें अनिवार्य रूप से 50 रुपये प्राप्त होंगे। हालांकि, लाभ को ’50 रुपये तक’ तक सीमित करने वाली भौतिक सीमा, और वह भी केवल अल्पकालिक वैधता वाले रैपिडो सिक्कों के रूप में, या तो छोड़ दी गई थी या समान प्रमुखता के साथ प्रकट नहीं की गई थी। जानकारी छिपाने और स्पष्टता की कमी ने विज्ञापन को भ्रामक बना दिया।

रैपिडो 120 से ज़्यादा शहरों में अपनी सेवाएं देती है और देश भर में कई क्षेत्रीय भाषाओं में लगभग डेढ़ साल (करीब 548 दिन) तक भ्रामक विज्ञापनों का सक्रिय रूप से प्रचार किया गया। इस अभियान की व्यापक पहुंच और लंबी अवधि को देखते हुए, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 10 के अंतर्गत स्थापित केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए कदम उठाना ज़रूरी समझा। अधिनियम की धारा 10, 20 और 21 के तहत सशक्त, सीसीपीए को भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई करने सहित उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा, प्रचार और प्रवर्तन का अधिकार प्राप्त है। तदनुसार, ऐसी प्रथाओं में शामिल होने के लिए रैपिडो पर जुर्माना लगाया गया है।

 

 

 

 

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles