अवधपुरी में आज 500 वर्ष
बाद शुभ अवसर आया जब नवनिर्मित मंदिर में रामलला का पहला जन्म उत्सव मनाया गया, रामलाल को चांदी सोने के रथ हाथी घोड़े अस्त्र-शास्त्र आदि समर्पित किया गया वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच नृत्य गीत हुआ, वेदों पुराणों अन्य धर्म ग्रंथो का पाठ हुआ सोने चांदी के बर्तनों में 106 प्रकार का भोग अर्पित किया गया भक्तों की बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने दर्शन का समय बढ़ाया गया, राजश्री वैभव भव्यता से हुई राजोपचार पूजा राजश्री सामग्री से सजावट व चढ़ावा भोग आदि लगाया गया, दोपहर 12:00 रामलाल का सूर्य तिलक हुआ, सूर्य देव ने 4 मिनट तक रामलाल का तिलक किया, सूर्य तिलक के समय 9 शुभ योग, तीन घरों की स्थिति त्रेता युग जैसी है, – नौमी तिथि मधुमास पुनीता, सकल पच्छ अभिजीत हरिप्रीता।
अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर रामलला का सूर्य तिलक हुआ





बाद शुभ अवसर आया जब नवनिर्मित मंदिर में रामलला का पहला जन्म उत्सव मनाया गया, रामलाल को चांदी सोने के रथ हाथी घोड़े अस्त्र-शास्त्र आदि समर्पित किया गया वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच नृत्य गीत हुआ, वेदों पुराणों अन्य धर्म ग्रंथो का पाठ हुआ सोने चांदी के बर्तनों में 106 प्रकार का भोग अर्पित किया गया भक्तों की बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने दर्शन का समय बढ़ाया गया, राजश्री वैभव भव्यता से हुई राजोपचार पूजा राजश्री सामग्री से सजावट व चढ़ावा भोग आदि लगाया गया, दोपहर 12:00 रामलाल का सूर्य तिलक हुआ, सूर्य देव ने 4 मिनट तक रामलाल का तिलक किया, सूर्य तिलक के समय 9 शुभ योग, तीन घरों की स्थिति त्रेता युग जैसी है, – नौमी तिथि मधुमास पुनीता, सकल पच्छ अभिजीत हरिप्रीता।