कोटा। कोटा मंडल में एक अवैध वेंडर द्वारा मुख्य टिकट निरीक्षक (टीटीई) को मारने का मामला सामने आया है। टीटीई ने मामले की शिकायत कोटा जीआरपी थाने में दी है। जीआरपी मामले की जांच कर रही है।
अपनी शिकायत में टीटीई योगेश कुमार ने बताया कि उसकी ड्यूटी बांद्रा-रामनगर ट्रेन (22975) में रतलाम से मथुरा तक थी। रास्ते में वह ट्रेन चेक करता हुआ आ रहा था। रामगंजमंडी स्टेशन के पास उसे एक युवक वातानुकूलित कोच में सफर करता मिला। टिकट की पूछने पर युवक ने बताया कि वह वेंडर है। ट्रेनों में खाद्य सामग्री बेचता है। युवक ने वेंडिंग का लाइसेंस होने से भी मना कर दिया। इसके बाद योगेश ने वेंडर से जुर्माना भरने को कहा। इसके बाद वेंडर ने हाथ में मौजूद किसी भारी चीज से योगेश के सिर पर वार कर दिया। इसके चलते योगेश के माथे पर गंभीर चोट लगी। कुछ देर में चोट वाली जगह पर सूजन आ गई। इसके बाद योगेश द्वारा शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे अन्य टीटीइयों ने वेंडर को पकड़ लिया।
कोटा जीआरपी को सौंपा
इसके बाद शाम 6:10 बजे ट्रेन कोटा पहुंचने पर टीटीइयों ने वेंडर को जीआरपी के हवाले कर दिया। योगेश भी कोटा स्टेशन पर अपना प्राथमिक उपचार करा कर वापस ड्यूटी पर चला गया। लेकिन रास्ते में योगेश की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद योगेश सवाई माधोपुर से वापस कोटा लौट आया। यहां देर रात जीआरपी इलाज और मेडिकल कराने योगेश को अस्पताल लेकर गई।
जीआरपी ने बताया कि टीटीई की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है। वेंडर का नाम विकास सामने आया है। विकास को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
नहीं थम रहे अवैध वेंडर
कई मामले सामने आने के बावजूद भी कोटा रेल मंडल में अवैध वेंडरों का कारोबार नहीं थम रहा है। हर ट्रेन और हर स्टेशन पर इन वेंडरों को आसानी से देखा जा सकता है। जिम्मेदारों से मिल रही लगातार शह का परिणाम है कि अब यह वेंडर टीटीई पर भी हाथ उठाने से नहीं डर रहे हैं। आपसी मिलीभगत का ही परिणाम है कि अब इन वेंडरों का एसी कोच में चलना आम बात हो गई है।
अवैध वेंडिंग को लेकर पिछले दिनों कोटा में फायरिंग तक हो चुकी है। लेकिन गोली चलने की आवाज से भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। कुंभकरणी नींद सो रहे प्रशासन को शायद और बड़ी घटना का इंतजार है।





