कोटा/होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान ने पिछले वर्षों में पूरे देश में राज्य को विश्व के पयर्टन मानचित्र पर लाने एवं पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने में पुरजोर प्रयास किया जा रहे हैं । राजस्थान के सभी संभागों में पुरातत्व, धार्मिक, ऐतिहासिक, आधुनिक शैली, पहाड़, रेगिस्तान, हरियाली, जंगल, नदियां, अभ्यारण, से भरपूर रमणीय स्थल है जो पूरे विश्व के पर्यटकों को राज्य में आने के लिए आकर्षित करते हैं हमारे यहां की संस्कृति लोककला कला-चित्र खान-पान रहन सहन भी अपनी अलग ही पहचान रखता है हमारे यहां की वीर गाथाएं किले राज्य की शौर्य गाथाओं का बयां करती है
राजस्थान का इतिहास भी अद्भुत है आज भी राज्य में तीज, गणगौर दशहरा, अनंत चतुर्दशी, दीपावली, होली एवं मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर है राजस्थान में धार्मिक पर्यटन की भी कोई कमी नहीं है पूरे देश के लाखों श्रद्धालु राज्य की धार्मिक यात्राएं वर्ष भर करते हैं जिसमें, श्रीनाथजी, सांवरिया सेठ, मेहंदीपुर बालाजी, करणी माता मंदिर , खाटू श्याम जी मंदिर, मथुराधीश मंदिर, गोविंद देव जी मंदिर, केशोरायपाटनकेशव मंदिर, पुष्कर ब्रह्मा मंदिर अजमेर दरगाह, तनोट माता मंदिर, जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर पूरे वर्ष पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है इन सभी चीजो को देखते हुए गत वर्ष 25 करोड़ पर्यटक देश-विदेश से राजस्थान के कई शहरों में आए । हमारा लक्ष्य आने वाले वर्षों में पर्यटकों की संख्या को 30 करोड़ तक पहुंचाने का है जिसके लिए हाड़ौती जो अब तक पर्यटन के क्षेत्र से अछूता था जहां पर प्रचुर मात्रा में पर्यटन स्थल मौजूद हैं। हाड़ौती के कोटा में मुकुंदरा अभ्यारण, मथुराधीश मंदिर, खड़े गणेश जी मंदिर, गढ़ पैलेस, चंबल रिवर फ्रंट, सिटी पार्क, सेवेन वंडर्स, केशोरायपाटन, चंबल नदी सफारी, सहित कई पर्यटन स्थल मौजूद है।





