कोटा 30 जून। बच्चों को पुस्तकों से जोड़ने और उनमें बाल साहित्य के प्रति रुचि जागृत करने के लिए यह वर्ष बाल साहित्य को समर्पित रहेगा। यह विचार रविवार को ” बाल मन तक” पुस्तक के विमोचन समारोह में पुस्तक के संपादक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल ने व्यक्त किए। पुस्तक का विमोचन तारे सेकेंडरी विद्यालय के दस छात्र – छात्राओं द्वारा अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। समारोह में साहित्यकार और जिला शिक्षा अधिकारी , कोटा नगर स्नेहलता शर्मा का उनकी साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक उपलब्धियों के लिए विभिन्न संस्थाओं और साहित्यकारों द्वारा अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया। डॉ. वैदेही गौतम ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम श्री हिंदी साहित्य समिति द्वारा वेस्ट सेंट्रल रेल्वे मजदूर संघ के सभागार में आयोजित किया गया।
अति विशिष्ठ अतिथि जितेंद्र निर्मोही ने कहा कि हाड़ौती में किए गए बाल साहित्य को बढ़ावा देने के प्रयासों की चर्चा पूरे राजस्थान में है। यह पुस्तक बाल साहित्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। भगवती प्रसाद गौतम ने कविता के माध्यम से बच्चों को संवाद विधा का महत्व बताते हुए कहा कि बच्चों के लिए लिखी गई पुस्तक का विमोचन बच्चों द्वारा कराना एक प्रेरक नवाचार है। स्नेहलता शर्मा ने कहा कि उनका पूरा प्रयास होगा कि बच्चों में साहित्यिक वृति का विकास हो और वे बाल साहित्य पुस्तकों से जुड़े। विष्णु प्रसाद हरिहर ने बच्चों को बाल पुस्तकें पढ़ने को प्रेरित जिया।
मुख्य वक्ता विजय जोशी ने कहा कि पुस्तक में बालकों को साहित्य लेखन के प्रति रुचि जागृत करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं,बाल मेला,कहानी कविता लेखन के आयोजन बच्चों को साथ लेकर किए गए प्रयास, बाल साहित्य के विभिन विषयों पर साक्षात्कार, बाल साहित्य कृतियों की समीक्षाओं को भी शामिल किया। जो संपादक ने स्वयं लिखी हैं। इससे यह कृति उपयोगी और शिक्षाप्रद बन गई है। मुख्य अतिथि सी.एम.उपाध्याय शून्य आकांक्षी अध्यक्ष बेस्ट सेंट्रल रेलवे जबलपुर जोन ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में भी बाल साहित्य लिखा जाना चाहिए। जो नानी दादी की कहानियों के माध्यम से बच्चों तक पहुंचे। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति अभिरुचि पैदा होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष डॉ रघुराज सिंह कर्मयोगी ने कहा कि बाल साहित्यकारों को इस तरह का बाल साहित्य सृजित करना चाहिए कि बच्चों में मोबाइल के प्रति पनप रहा आकर्षण कम हो। वे अध्ययन में अपना ध्यान लगा सकें। इसके अलावा छात्रों में पनप रही निराशा के फलस्वरुप जो सुसाइड हो रहे हैं, उनमें कमी आएगी।
समारोह के विशिष्ठ अतिथि साहित्यकार डाॅ.शशी जैन,डाॅ.अपर्णा पाण्डेय, प्रो.हिमानी भाटिया, डाॅ.सुशीला जोशी, डाॅ. इंदुबाला शर्मा,वैदेही गौतम, रीता गुप्ता और मीना मिश्रा ने इस कृति की उपादेयता बताते हुए कहा कि आज बढ़ती साहित्यिक गतिविधियों से कोटा में बाल साहित्य के क्षेत्र में बहतर माहौल बना है। हम सब का प्रयास होगा कि ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहें। यह पुस्तक विगत एक वर्षों में बाल साहित्य के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का आईना है। समरस संस्थान साहित्य सृजन भारत गांधी नगर, गुजरात, आर्यन लेखिका मंच, संस्कृति, साहित्य, मीडिया फोरम, श्री हिन्दी साहित्य समिति,अंतर्राष्ट्रीय हिंदी साहित्य समिति की कोटा इकाई, ऊषा शिशु निकेतन समूह स्कूल एवं वरिष्ठ साहित्यकार जितेंद्र निर्मोही, रामेश्वर शर्मा रामू भैया, विजय जोशी की और से जिला शिक्षा अधिकारी स्नेह लता को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
अतिथियों ने मां सरस्वती के पूजन से कार्यक्रम प्रारंभ किया। बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन कवि महेश पंचोली ने किया। साहित्यकार काली चरण राजपूत, मीना मिश्रा एवं दीनानाथ त्रिपाठी का कार्यक्रम आयोजन में विशेष सहयोग रहा।राजेंद्र पवार, हितेश व्यास , रतनलाल वर्मा, विजय शर्मा, राजेंद्र कुमार जैन, राम मोहन कौशिक, अर्चना शर्मा, साधना शर्मा, रेणु सिंह राधे,,गरिमा गौतम, आदि बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित रहे ।
बाल साहित्य की पुस्तक “बाल मन तक” का बच्चों से लोकार्पण कराया गया








