के डी अब्बासी
कोटा, मई। नगर निगम कोटा दक्षिण के समस्त कांग्रेस समर्थित पार्षद उपमहापौर पवन मीणा के नेतृत्व में पूर्व नियोजित कार्यक्रम अनुसार नगर निगम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने निगम प्रशासन की पक्षपातपूर्ण नीतियों और अव्यवस्थाओं के विरोध में आयुक्त को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया।
लेकिन खेदजनक स्थिति तब उत्पन्न हुई जब सभी पार्षदों के पहुंचने पर आयुक्त कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए। फोन के माध्यम से सूचना देने के बावजूद न तो उन्होंने स्वयं उपस्थिति दर्ज कराई, न ही किसी अन्य अधिकारी को प्रतिनिधि स्वरूप भेजा।
यह स्थिति ना केवल जनप्रतिनिधियों का अपमान है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति लापरवाही और जनता के साथ धोखा है। इस पर सभी कांग्रेस पार्षदों ने गहरी नाराजगी जताई और अपना विरोध दर्ज करते हुए ज्ञापन की प्रति आयुक्त की कुर्सी पर चिपका दी।
उपमहापौर पवन मीणा ने कहा,
“सरकारी कार्यालयों में निर्धारित समय पर अधिकारी उपस्थित नहीं होते, यह जनता की समस्याओं से मुँह मोड़ने जैसा है। अधिकारी भाजपा सरकार के इशारों पर कार्य कर रहे हैं और कांग्रेस पार्षदों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
इस विरोध में शामिल प्रमुख पार्षद इस प्रकार रहे:
इसरार मोहम्मद, मोहन नंदवाना, अनुराग गौतम, आसिफ़ मिर्ज़ा, सोनू अब्बासी, दीपक कुमार, इरफान घोषी, कुलदीप प्रजापति, देवेश तिवारी, सुमन पेसवानी, ऐश्वर्या शिरंगी, बादशाह भाई, शालिनी गौतम, कपिल शर्मा, सलीना शेरी, मनोज गुप्ता, शीला पाठक, पिंकी प्रजापति, इरफान, साहिब हुसैन।
सभी पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि यदि निगम प्रशासन ने समय रहते संवाद और समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।






