गीत – हिन्दुस्तान हमारा है
इक इक कण इस धरती का, हमको अपनी जान से प्यारा है।
आओ हम सब मिलकर गायें, हिन्दुस्तान हमारा हैl
इस मिट्टी से पैदा हुऐ हम, इसमे ही मिल जायेंगेंl
इस मिट्टी को खूश्बू हम सब दुनियाँ में फैलाऐगें ।।
नफरत की आंधी से लडकर, प्रेम के दीप जलाऐंगें।
यही हमारा मकसद होगा, यही हमारा नारा है।
आओ हम सब मिलकर गाऐं हिन्दुस्तान हमारा है
दुश्मन सुनले, कान खोलकर, हम सब भाई भाई हैं।
तू क्या जाने प्यार मोहब्बत, तू तो इक हरजाई हेll
वतन परस्ती देख, हमारे देश में रहने वालों की।
मेरी दो बहनों ने मिलकर देख तुझे ललकारा है।
आओ हम सब मिलकर गांऐं हिन्दुस्तान हमारा है।
हर मज़हब हर जाती का, भारत ने सम्मान किया।
दुश्मन को भी गले लगाया, ना उसका अपमान किया।
जिस धरती पर तू बैठा, उसको हमने दान किया।
सच पूछो तो उस धरती पे भी अधिकार हमारा हैll
आओ हम सब मिलकर गाऐं, हिन्दुस्तान हमारा है।
इक इक कण इस धरती का, हमको अपनी जान से प्यारा है।
गीतकार
✍️वाजिद अली “वाजिद” कोटा (राजस्थान)






