Saturday, July 18, 2026
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जगतगुरू शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद रखेंगे रामा गौ धाम की कोटा शिक्षा नगरी में नींव

कोटा-16 मई शुक्रवार हाल ही में जगतगुरू शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ बनारस मठ में कोटा के गो वेज्ञानिक डॉ. महेन्द्र कुमार गर्ग एवं गो सांसद मांगीलाल नागर कोटा बूंदी लोकसभा क्षेत्र ने गोसंवर्धन और रामा गोमंडपम निर्माण पर सार्थक चर्चा हुई जो गो-आधारित अर्थव्यवस्था और सतत विकास के प्रति शंकराचार्य जी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। डॉ. गर्ग का कार्य ग्रामीण भारत में पशुपालन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। गौ प्रवक्ता डॉ नयन प्रकाश गांधी ने बताया कि मांगीलाल नागर (गौ सांसद) कोटा बूंदी लोकसभा क्षेत्र और गौ विधायक प्रकाश जी जैन कोटा उत्तर गौ सेवा एवं सामाजिक क्षेत्र में कई दशकों से संलग्न है एवं

‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्‌गुरु शङ्कराचार्य’स्वामिश्रीः’ अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ‘1008’ के निर्देशानुसार गौ माता के संरक्षण विकास कोटा बूंदी क्षेत्र में लगातार गौ सेवा महाभियान में संलग्न है । आगे मांगीलाल नागर (गौ सांसद) कोटा बूंदी लोकसभा क्षेत्र ने बताया कि गौ विधायक प्रकाश जी जैन कोटा उत्तर , जय ज्योर्तिमठ के संपादक नरोतम जी पारीक एवं समस्त गौ संसद कार्यकारणी गौ भक्त मंडल के सेवाभावी टीम नेतृत्व में शङ्कराचार्य’स्वामिश्रीः’ अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ‘1008’ के आशीर्वाद से कोटा में जल्द रामा गो धाम की नींव रखने पर स्वीकृति मिल गई है ,आगे गौ विधायक प्रकाश जैन कोटा उत्तर ने इस महत्वपूर्ण गौ सेवा के प्रकल्प हेतु तन मन धन से समर्पित होने और जन महाभियान हेतु सहयोग के लिए कोटा बूंदी के गौ सेवकों को एकीकृत होने का ऐलान किया ।

मैनेजमेंट विश्लेषक गौ सेवक सोशल एक्टिविस्ट डॉ नयन प्रकाश गांधी ने बताया कि गौ सांसद मांगीलाल नागर एवं गौ विधायक प्रकाश जैन ने आगामी गौ सेवा के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट हेतु कोटा शिक्षा नगरी के तकनीकी एक्सपर्ट के रूप में जानी मानी शख्सियत डॉ. महेंद्र कुमार गर्ग को भी गौ संसद टीम में जोड़ा है जो कोटा के एक प्रतिष्ठित पशु पालन वैज्ञानिक और तकनीकी सलाहकार हैं, जिन्होंने पशु उत्पादन, गोसंवर्धन, और जैविक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनकी विशेषज्ञता में डेयरी गो वंश प्रबंधन, स्पेशल फीडिंग, ओवुलेशन सिंक्रोनाइजेशन, गोबर गैस प्लांट स्थापना, और मिल्किंग मशीन के तकनीकी इनपुट शामिल हैं। उनकी आरकेवीवाई डेयरी परियोजना, “डेयरी गो वंश प्रबंधन में महिलाओं का कौशल सशक्तिकरण”, ने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और डेयरी क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डॉ. गर्ग ने ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे घरेलू आकार के गोबर गैस प्लांट स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाई, जिससे धुआँ रहित ईंधन और जैविक उर्वरकों का उत्पादन संभव हुआ। यह पहल जैविक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक रही। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मध्य प्रदेश सहकारी डेयरी फेडरेशन के साथ मिलकर खनिज मिश्रण और संतुलित पशु आहार तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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