Monday, October 19, 2026
as jewellers
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

रोने से क्या दुख कम होगा – वाजिद अली ‘वाजिद’

रोने से क्या दुख कम होगा

रो मत खुशी से संगम होगा

धूप छांव है जीवन अपना

वक्त दुखों का मरहम होगा

हर दुख से तू मिलना हंस कर

मत झुकना तू उससे डर कर

आशावादी बनकर रहना

दूर तभी तो तम होगा

रोने से क्या दुख कम होगा..

क्यों होठों पर कुश्की आई है

क्यों तेरी सूरत मुरझाई

रब है तेरे साथ यकी रख

ऊंचा तेरा परचम होगा

रोने से क्या दुख कम होगा

आग पर चलकर सबको दिखा दे

हिम्मत तेरी आज बता दे

छोड़ उदासी पोछले आंसू

कल खुशियों का मौसम होगा

रोने से क्या दुख कम होगा

रो मत खुशी से संगम होगा

✍️ वाजिद अली ‘वाजिद’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles