ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी देर रात जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, उरी और अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया और गोलाबारी की।विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि पुंछ में तीन महिलाओं और पांच बच्चों सहित सोलह लोगों की जान चली गई है। जबकि 59 लोग घायल हुए हैं।पुंछ में फायरिंग में लांस नायक दिनेश कुमार (32) शहीद हो गए। वे हरियाणा के पलवल के रहने वाले थे। सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने लांस नायक दिनेश कुमार को श्रद्धांजलि दी।
भारतीय सेना ने कहा- हम उन निर्दोष नागरिकों के साथ एकजुटता से खड़े है, जो पुंछ सेक्टर में हमलों के शिकार हुए हैं। हमारे दुश्मनों के नापाक इरादों को आगे भी ध्वस्त किया जाएगा।कुपवाड़ा जिले के करनाह सेक्टर में गोलाबारी के कारण कई घरों में आग लग गई। तनाव के बीच अखनूर क्षेत्र के कई लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर चले गए।
भारत ने गुरुवार सुबह पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया
। दरअसल, बुधवार की देर रात पाकिस्तानी सेना ने 15 भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद भारतीय सेना ने यह बड़ी कार्रवाई कर करारा जवाब दिया। रक्षा मंत्रालय ने दोपहर 2-30 बजे इसकी जानकारी दी। रक्षा मंत्रालय ने बताया, 7 मई की रात पाकिस्तान ने उत्तरी और पश्चिमी भारत के शहरों को निशाना बनाया। इसमें अवंतिपोरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नाल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज में ड्रोन्स और मिसाइलें दागी थीं। भारतीय सेना ने पहले ही सीमाओं पर रूस के मिले स्-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तैनात कर रखा है, जैसे ही मिसाइलों से हमला किया
i: इस सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया। पंजाब में ही बुधवार रात अमृतसर में धमाके सुने गए। गुरुवार सुबह यहां 3 गांवों में रॉकेट मिले हैं। डिफेंस एक्सपर्ट ने संभावना जताई है कि पाकिस्तान की तरफ से ये रॉकेट्स फायर किए गए और इंडियन डिफेंस सिस्टम ने इन्हें मार गिराया।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान के हमलों के बाद आज सुबह भारतीय सशस्त्रबलों ने पाकिस्तान में कई स्थानों पर हार्पी ड्रोन से वहां के एयर डिफेंस रडार और सिस्टम को निशाना बनाया। भारत की कार्रवाई उसी क्षेत्र में, तेजी के साथ की गई है जैसी पाकिस्तान ने की थी। सूत्रों ने बताया कि लाहौर, सियालकोट, कराची में एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया गया। स्-400 की सबसे बड़ी खासियत इसका मोबाइल होना है। यानी रोड के जरिए इसे कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है। इसमें 92NE इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरो रडार लगा हुआ है जो करीब 600 किलोमीटर की दूरी से ही मल्टीपल टारगेट्स को डिटेक्ट कर सकता है। ऑर्डर मिलने के 5 से 10 मिनट में ही ये ऑपरेशन के लिए रेडी हो जाता है। S-400 की एक यूनिट से एक साथ 160 ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक किया जा सकता है। एक टारगेट
के लिए 2 मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं। स्-400 में 400 इस सिस्टम की रेंज को दर्शाता है। भारत को जो सिस्टम मिल रहा है, उसकी रेंज 400 किलोमीटर है। यानी ये 400 किलोमीटर दूर से ही अपने टारगेट को डिटेक्ट कर काउंटर अटैक कर सकता है। साथ ही यह 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी अपने टारगेट पर अटैक कर सकता है।






