जेल में बंदियों को दी कानूनी जानकारी
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटा के अध्यक्ष माननीय जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण व्यास एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटा गीता चौधरी के निर्देशानुसार केंद्रीय कारागार कोटा में बंदियों को कानूनी जानकारी दी और उनके संविधानिक अधिकारों से अवगत करवाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटा मैं कार्यरत डिफेंस एडवोकेट नरेंद्र डाबी ने बताया कि केंद्रीय कारागार कोटा में विचाराधीन बंदी, सजायत बंदी, सिविल बंदी,निरुद्ध बंदी और साधारण सजा वाले बंदियों को उनके विधिक अधिकारों संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी और डिफेंस एडवोकेट नरेंद्र डाबी ने कैदियों को बताया कि उनके पास संवैधानिक अधिकार में अपनी पसंद का अधिवक्ता करने का अधिकार, फेयर ट्रायल करने का अधिकार, गिरफ्तारी की जानकारी प्राप्त करने का अधिकार, जमानत का अधिकार, प्रतिरक्षा करने का अधिकार है। नरेंद्र डाबी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को संवैधानिक अधिकार प्राप्त है और निःशुल्क कानूनी सलाह सहायता प्राप्त करने का अधिकार भी प्राप्त है एसे बंदी जो विधिक सेवा प्राधिकरण की धारा 12 में आते हे वो निःशुल्क विधिक सहायता के लिए पात्र हें। संविधान के अनुच्छेद 39-क और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में भी निःशुल्क विधिक सहायता का प्रावधान है। एसे बंदी न्यायालय के माध्यम से, जेल के माध्यम से आवेदन कर सकते हें।






