Saturday, April 18, 2026
IMG-20260122-WA0067
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

भावी चिकित्सकों के लिये,जरूरी हे देहदान -डॉ कुलवंत गौड 

कोटा 30 जनवरी। ओम कोठारी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट में चल रहे हैं सात दिवसीय एनएसएस कैंप के दौरान देहदान व अंगदान पर सेमिनार का आयोजन हुआ जिसमें शाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक डॉ कुलवंत गौड एवं डॉ संगीता गौड ने एनएसएस वॉलिंटियर्स को बताया कि, देहदान ही सर्वोत्तम दान है। मृत देह पर भविष्य के डॉक्टर प्रयोग कर नई चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति ला सकते हैं।

 

डॉ कुलवंत ने कहा कि, शिक्षित युवा ही नेत्रदान,अंगदान और देहदान के प्रति समाज में जागृति बढ़ा सकते हैं, युवाओं को आगे रहकर अभियान में सहयोग देना चाहिए । इंसान स्वयं के द्बारा किये गए कर्मों से मोक्ष प्राप्त होता है, मृत्यु के बाद में शरीर राख हो या दफनाया जाये उससे अच्छा है कि,वह किसी के काम आए।

 

संस्था शाइन इंडिया की सचिव डॉ संगीता गौड़ ने बताया कि, देहदान बहुत ही पुण्य का कार्य है,किंतु समाज में फैली भ्रांतियों का सही तरह से निवारण होने पर ही देहदान का कार्य आमजन में बढ़ सकता है । स्वयंसेवकों को अपने परिवार वालों से लेकर समाज के विभिन्न वर्गों तक लोगों को इस पुनीत कार्य हेतु आगे लाने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने अंगदान से जुड़ी विभिन्न जानकारियां भी स्वयंसेवकों को दीं।

 

इसके पश्चात अधिवक्ता श्रीमती शीतल पाटील द्वारा स्वयंसेवकों को महिला उत्पीड़न से संबंधित कानून की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कानूनी रूप से संरक्षण देने हेतु कई प्रावधान रखे गए हैं,जिनके बारे में जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि महिलाएं आवश्यक परिस्थितियों में इनके इस्तेमाल से स्वयं को संरक्षित कर सकें।

 

सेमिनार के दौरान संस्थान निदेशक डॉ अमित सिंह राठौड़, कार्यक्रम संचालक व्याख्याता प्रतीक गुप्ता, एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ शांता चौहान एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles