Saturday, August 29, 2026
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ग्रह और उपग्रह ,…..- कालीचरण राजपूत

ग्रह और उपग्रह ,…..

 

सूरज रहतौ केंद्र में, इसमें घूर्णन नाहिं ।( सूरज नहीं घूमता)

बाकी ग्रह घूर्णन करें, अपनी कक्षा मांहि।।

अष्ट ग्रह सौर मंडलहिं, बुद्ध कौ पहलौ स्थान ।

क्रम दो पर यह शुक्र है, तीसर पृथ्वी जान ।।

मंगल चौथे स्थान पर, बृहस्पति कक्षा पांच ।

षष्ठम शनि कक्षा कहो, सप्तम अरुणहिं जांच ।।

वरुण रहा अति दूर पर, पथ संख्या है आठ ।

पथ अपना पहचानते, सबके अपने ठाठ।।

दिनकर मानौ केंद्र में, बुध है सबसे पास ।

वरुण दूरतम ग्रह रहा, पृथ्वी कक्षा खास ।।

 

गुरु ग्रह को नवग्रह से बाहर निकाल दिया, क्यों? ….o

 

प्लूटो या गुरु ग्रह की, कक्षा नहीं थी एक ।

गुरु सूर्य परिवार से, रहा हटाना नेक ।। (गुरु ग्रह)

सब ग्रह करते परिक्रमा, केंद्र मानकर भानु ।

दिनेश से पाएं ऊर्जा, इसकी आभा जानु ।।

शुचि गोला मंदार है, गैसों का भंडार ।(अग्नि)/ (सूर्य)

हाइड्रोजन हीलियम गैस का, बहुत बड़ा आगार ।।(भंडार)

चहुं ओर घूमें मित्र के, ग्रह कहलाते पिंड । (सूर्य)

मिलते सूरज, ग्रह सभी, तब बनता ब्रह्मांड ।।।

उपग्रह ऐसा पिंड है, घूमें ग्रह चहुं ओर ।

बाकी तो सब खंड हैं, जिनका और ठौर ।।

जिनका और न ठौर….

जिनका और ठौर….

कालीचरण राजपूत, कोटा।

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