ग्रह और उपग्रह ,…..
सूरज रहतौ केंद्र में, इसमें घूर्णन नाहिं ।( सूरज नहीं घूमता)
बाकी ग्रह घूर्णन करें, अपनी कक्षा मांहि।।
अष्ट ग्रह सौर मंडलहिं, बुद्ध कौ पहलौ स्थान ।
क्रम दो पर यह शुक्र है, तीसर पृथ्वी जान ।।
मंगल चौथे स्थान पर, बृहस्पति कक्षा पांच ।
षष्ठम शनि कक्षा कहो, सप्तम अरुणहिं जांच ।।
वरुण रहा अति दूर पर, पथ संख्या है आठ ।
पथ अपना पहचानते, सबके अपने ठाठ।।
दिनकर मानौ केंद्र में, बुध है सबसे पास ।
वरुण दूरतम ग्रह रहा, पृथ्वी कक्षा खास ।।
गुरु ग्रह को नवग्रह से बाहर निकाल दिया, क्यों? ….o
प्लूटो या गुरु ग्रह की, कक्षा नहीं थी एक ।
गुरु सूर्य परिवार से, रहा हटाना नेक ।। (गुरु ग्रह)
सब ग्रह करते परिक्रमा, केंद्र मानकर भानु ।
दिनेश से पाएं ऊर्जा, इसकी आभा जानु ।।
शुचि गोला मंदार है, गैसों का भंडार ।(अग्नि)/ (सूर्य)
हाइड्रोजन हीलियम गैस का, बहुत बड़ा आगार ।।(भंडार)
चहुं ओर घूमें मित्र के, ग्रह कहलाते पिंड । (सूर्य)
मिलते सूरज, ग्रह सभी, तब बनता ब्रह्मांड ।।।
उपग्रह ऐसा पिंड है, घूमें ग्रह चहुं ओर ।
बाकी तो सब खंड हैं, जिनका और ठौर ।।
जिनका और न ठौर….
जिनका और ठौर….
कालीचरण राजपूत, कोटा।






