Tuesday, September 8, 2026
Screenshot_2026-02-16-14-04-33-20_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

कोटा के रेलवे इंजीनियर रघुराज सिंह कर्मयोगी को जबलपुर में पुरस्कृत किया गया

 

        विश्व वाणी हिंदी संस्थान जबलपुर एवं समन्वय प्रकाशन‌ ने संयुक्त रूप से दिव्य नर्मदा अलंकरण 2023 – 24 आर्य समाज भवन में भव्य वार्षिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में कोटा से श्री हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष एवं इंजीनियर रघुराज सिंह कर्मयोगी को “आधुनिक पैसेंजर कोच मेंटीनेंस टेक्नोलॉजी” पुस्तक राष्ट्रभाषा हिंदी में लिखने के लिए पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार स्वरूप कार्यक्रम के सभापति आचार्य संजीव वर्मा “सलिल” एवं अध्यक्ष बसंत कुमार शर्मा ने उपस्थित विद्वान रचनाकारों के समक्ष उन्हें ₹ 2500/- मानधन,शॉल,श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह, अभिनंदन पत्र दे कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न नगरों से चयनित 40 रचनाकारों को भी नकद राशि व मानपत्र से सम्मानित किया गया।उद्भघाटन सत्र की अध्यक्षता आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ कर रहे थे। संचालन हरिसहाय पांडे, छाया सक्सेना ‘प्रभु’, डॉ. अरुणा पांडे ने संयुक्त रूप से किया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण यह रहा के राजभाषा हिंदी को अमल में लाने के लिए अधिकतर विद्वान भू – वैज्ञानिक, अभियंता बायोटेक्नोलॉजिस्ट, डॉक्टर, भौतिक शास्त्री, रसायन शास्त्री, धातु विज्ञानिक चर्चा के लिए आमंत्रित किए गए थे। इस चर्चा में इंजीनियर रघुराज सिंह कर्मयोगी ने भी अपनी बात रखी कि रेलवे में राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रोत्साहन योजनाएं चल रही हैं। जिसकी वजह से रेलवे में शत प्रतिशत कार्य हिंदी में करने का प्रयास किया जाता है।लोकार्पण सत्र की अध्यक्षता डॉ सुरेश कुमार वर्मा जी ने की। मुख्य अतिथि इं.अमरेन्द्र नारायण रहे। इसमें जबलपुर के तीन रचनाकारों की कृतियां लोकार्पित की गईं।विमर्श सत्र के अध्यक्ष इं. अमरेन्द्र नारायण, जबलपुर, मुख्य अतिथि डॉ जमुना कृष्ण राज,चैन्नई, विशिष्ट अतिथि मनोहर बाथम, भोपाल रहे।वक्ता डॉ सुरेश कुमार वर्मा,भाषाविद्, डॉ रोहित मिश्रा,दंत चिकित्सक, डॉ सुरेन्द्र कुमार साहू निर्विकार नेत्र विशेषज्ञ, डॉ रश्मि कौशल इलैक्ट्रॉनिक इंजीनियर दिल्ली,ब्रिगेडियर बिपिन त्रिवेदी सैन्य विशेषज्ञ, यांत्रिक इंजीनियर रघुराज सिंह कर्मयोगी कोटा,डॉ अनामिका तिवारी, वनस्पति शास्त्री रहे।

“हिंदी और अन्य भाषाओं में तकनीकी शिक्षा – दशा और दिशा” विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये।बाहर से पधारे अतिथि रचनाकारों का आभार मंजरी शर्मा,मीना भट्ट, डॉ मुकुल तिवारी ने व्यक्त किया।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles