बारां एक निजी स्कूल में एक 13 वर्षीय विकलांग छात्रा के साथ स्कूल के क्लास रूम में बलात्कार के मामले में पुलिस शिथिलता व आरोपियों को कथित रूप से बचाने का प्रयास को लेकर सर्व समाज में भारी आक्रोश है, इस मामले में 10 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद 18 दिनों तक नामजाद आरोपियों कार्यवाही नहीं की
परिजनों का कहना है कि एम पी का नाम लेकर कुछ पुलिसकर्मी बच्ची को साथ ले गए थे, उन्होंने बच्ची को इतना डराया धमकाया की कि वह बच्ची सदमे में आ गई, इतना ही नहीं उन्होंने बिना माता-पिता की सहमति के बच्ची को नारीशाला मे भेज दिया, परिजनों का कहना है के आरोपी प्रभावशाली है, और पुलिस उनसे मिली हुई है, यहां तक के बच्चे को पागल कर यहां तक की बच्ची को पागल करार देने का प्रयास किया गया, बारा मे 13 वर्ष से नाबालिक बच्ची बारा के जैन कॉलोनी में स्थित एसएस इंटरनेशनल स्कूल सातवीं क्लास में पढ़ती है, गत जुलाई को बालिका स्कूल गई थी, जहां टीचर नितेश ने उसे कोई गोली खिलाई और उसे गाड़ी पर बिठाकर ले गया, जहां स्कूल के देवेंद्र सर वो पहले से ही मौजूद था, दोनों व्यक्ति ने मासूम के साथ रेप किया, बच्ची के मां-बाप ने बारा के थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, परंतु पुलिस कार्रवाई करने की बजाय उनका आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है, इस घटना को लेकर कल सर्व समाज के लोगों ने बारा एमपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया
बांरा में मासूम विकलांग बच्ची से रेप की घटना को दबाने का प्रयास






