केरल हाई कोर्ट ने धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए, कहा कि इसमें एजुकेशन सर्टिफिकेट में धर्म परिवर्तन की मांग को इसलिए नहीं ठुकराया जाना चाहिए क्योंकि इसके लिए कोई प्रावधान नहीं है, जस्टिस वीजी अरुण ने कहा धर्म परिवर्तन के बाद संस्थाओं को सर्टिफिकेट में आवश्यक सुधार करने होंगे भले ही स्कूल सर्टिफिकेट में धर्म परिवर्तन के आधार पर नाम बदलने का कोई नियम नहीं है, इसका मतलब यह नहीं की किसी व्यक्ति को उसके जन्म के आधार पर किसी एक धर्म से बाध दिया जाए, कोर्ट ने कहा कि अगर कोई संविधान नहीं मिली आजादी का प्रयोग करके किसी अन्य धर्म को अपनाता है तो उसके दस्तावेजों में सुधार करना जरूरी है
धर्म परिवर्तन सर्टिफिकेट में नाम परिवर्तन करना जरूरी – कोर्ट





