घटना की जांच शुरू होने के पहले ही पुलिस ने गुलाटी मार ली। नारायण साकार उर्फ सूरजपाल पर कोई FIR नही हुई। सिर्फ सेवादारों और आयोजकों पर पुलिस केस लिखा है। नारायण साकार को अब चिंता की जरूरत नही और छिपने की भी आवश्यकता नहीं है।एफआईआर में नारायण साकार नामजद नहीं हैं।
कल तक बेहद कड़ी कार्रवाई और किसी को नही बक्शा जायेगा वाले बयान के बीच DGP हाथरस पहुंच गए थे। रात में FIR लिखी गई और जब कॉपी सामने आई तो नारायण साकार पर केस नहीं लिखा गया।
116 लोगों की दर्दनाक मौत के जिम्मेदार पुलिस के मुताबिक सिर्फ सेवादार हैं। प्रशासन और पुलिस पर भी एफआईआर नहीं हुई न कोई जिक्र हुआ। पुलिस का कहना है जांच चल रही है।लखनऊ-सीएम योगी ने हाथरस हादसे पर जताया दुख, घटना की जांच के लिए कमेटी का गठन किया, ADG आगरा,कमिश्नर अलीगढ़ के नेतृत्व में टीम गठित,गहन जांच के निर्देश, 24 घंटे में तलब की रिपोर्ट,शोक संतप्त परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना,मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख का मुआवजा,घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक मदद के निर्देश,यूपी सरकार के 3 मंत्री घटनास्थल पर भेजे गए,मंत्री संदीप सिंह और पहुच रहे मौके पर मौजूद,मुख्य सचिव और DGP से लगातार संपर्क में हैं CM
हेल्पलाइन नंबर 0572-2227041,42 जारी किए गए,
हाथरस – सत्संग में भगदड़ को लेकर बड़ा खुलासा
➡बाबा ने भक्तों से कहा कि मेरे चरणों की रज लेकर जाना
➡चरणों की धूल लेने के लिए पंडाल में दौड़े लोग
➡बाबा के पैरों की धूल लेने के लिए दौड़े थे लोग
➡बाबा ने कहा, मत्थे पर धूल लगाना, समस्या खत्म होगी
➡बाबा अपने पास एक खास पानी होने का दावा करता था
➡बाबा कहता था, इस पानी को पीने से बीमारी खत्म होगी
➡बाबा के पैरों की धूल, पानी लेने के लिए आते थे लोग
➡यूपी, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड से लोग आते थे
➡बाबा के सेवादार लोगों से दान देने के लिए कहा करते थे
➡धूल और पानी लेने के लिए दौड़े लोग, 121 की मौत हुई.
हाथरस- सत्संग में भगदड़ को लेकर बड़ा खुलासा हुआ





