इस बार की मुहिम तीन रंगों की जिसमें भगवा सफेद और हरा रंग शामिल
कोटा। दीपावली पर हर घर जगमगाए और कुंभकारों के घर भी खुशियां आएं, इसी उद्देश्य से समाजसेवी डॉ. दुर्गा शंकर सैनी पिछले बारह वर्षों से मिट्टी के दीपक अपनाने की मुहिम चला रहे हैं। इस बार उन्होंने केसरिया, सफेद और हरे रंग के तीन रंगों में दीपक तैयार करवाए हैं। डॉ. सैनी के अनुसार, केसरिया रंग संस्कृति, सफेद शांति और हरा रंग हरियाली का प्रतीक है। इन दीपकों में मोम भरने का काम जारी है। दीपावली पर इन्हें जरूरतमंद परिवारों के बीच निशुल्क वितरित किया जाएगा। उनके साथ मिठाई बांटकर और त्योहार की खुशियां साझा कर दीपावली मनाई जाएगी। डॉ. सैनी का कहना है कि बड़े शोरूम में बिकने वाले चाइनीज दीपकों के बजाय मिट्टी के दीपक अपनाने से कुंभकारों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। उनकी पहल का उद्देश्य भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय कारीगरों की मेहनत को सम्मान देना है।






