कोटा/सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय में अभी हाल ही में, गीतकार बाबू बंजारा की पुस्तक का विमोचन हुआ। चौबदार आर्ट गैलरी के सचिव रविन्द्र सिंह ने बताया कि पुस्तक के कवर पृष्ठ के चित्र में चित्रकार शम्भूसिंह चौबदार ने प्रकृति चित्रण करके जीवन की प्रकृति बताई है।
कथाकर एवं समीक्षक तथा समारोह के मुख्य वक्ता विजय जोशी ने इस कृति पर बोलते हुए कहा कि कवि एवं गीतकार बाबू बंजारा की इस फूल खिलें या खार कृति का मुख पृष्ठ राजस्थानी परम्परागत शैली के प्रसिद्ध चित्रकार शंभूसिंह चौबदार ने बनाकर शीर्षक अनुरूप इसमें एक ओर थूर तथा दूसरी ओर फूलों और हरियाली से आच्छद प्राकृतिक स्थल बनाए हैं तथा दोनों के मध्य में सूदूर तक एक पथ चित्रित किया जहाँ पग चिन्ह उभारे गए हैं जो जीवन में फूल या काँटे के मिलने पर भी अनवरत यात्रा का दिशाबोध प्रदान करते हैं। उन्होंने चित्रकार को बधाई देते हुए कला एवं साहित्य के सम्बन्धों कोआगे बढ़ाने की बात कही। इस अवसर पर समारोह में चित्रकार शंभूसिंह चौबदार का सम्मान भी किया गया।















