कोटा। राज्य सरकार ने शहरी संपत्ति धारकों को बड़ी राहत देते हुए स्वयं के नाम नया पट्टा प्राप्त करने की नई व्यवस्था लागू की है। राज्य सरकार के 29 जून 2026 के आदेश के अनुसार शहरी सेवा शिविर-2026 के अंतर्गत प्राप्त नामांतरण, उपविभाजन, पुनर्गठन एवं भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में नियमानुसार निस्तारण के बाद संबंधित संपत्ति का नया पट्टा जारी किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत नया पट्टा जारी करने से पहले आवेदक को प्राधिकरण के समक्ष अपना पुराना पट्टा समर्पित करना होगा। इसके साथ ही प्रशासनिक शुल्क के रूप में आवासीय संपत्तियों के लिए ₹10 प्रति वर्गमीटर तथा गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए ₹20 प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है।
यह व्यवस्था लीज होल्ड से लीज होल्ड एवं फ्री-होल्ड से फ्री-होल्ड पट्टा प्राप्त करने वाले मामलों पर भी लागू होगी। नामांतरण, उपविभाजन, पुनर्गठन अथवा भू-उपयोग परिवर्तन के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को निर्धारित शुल्क जमा कर पुराना पट्टा समर्पित करने के बाद नया पट्टा जारी किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से संपत्तियों के रिकॉर्ड अधिक सटीक, अद्यतन एवं पारदर्शी बनेंगे। साथ ही नागरिकों को अनेक दस्तावेजों के रख-रखाव की परेशानी से राहत मिलेगी और भविष्य में एक ही नवीन पट्टे के आधार पर स्वामित्व संबंधी सभी अधिकार प्रमाणित किए जा सकेंगे। यह निर्णय प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





