रामावतार राठौर
जिला सवाई माधोपुर नींदड़दा ग्राम सुरवाल के पास में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस में सत्य की परिभाषा और भागवत जी की उत्पत्ति, चतुष्ट श्लोकी भागवत , नारद जी का पूर्व जन्म का वृतांत ,महाभारत की कथाएं, पांडवों को भीष्म पितामह द्वारा उपदेश ,भीष्म स्तुति राजा, परीक्षित का जन्म और परीक्षित को श्राप, सुखदेव जी के जन्म की कथा का विवरण भी सुनाया गया। इसके पश्चात राजा परीक्षित का कलयुग को उपदेश और श्रमिक मुनि के गले में राजा के द्वारा मारे हुए सर्प को डालने पर , श्रृंगी ऋषि के द्वारा श्राप की कथा का विवेचन करते हुए आचार्य पुष्पेंद्र भैया जी ने (कुण्डेरा वालों ) ने बताया है कि कर्दम जी महाराज की नौ कन्याओं के जन्म की कथा सुनाई है। और कपिल देव भगवान के द्वारा माता देवहूति को उपदेश और इसके पश्चात सती चरित्र व भगवान शिव पार्वती जी के विवाह का प्रसंग ओर पंडित नवल शास्त्री जी ने सजीव झांकी सजाई और भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे ।






