कोटा शहर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर एरोड्रम सर्किल स्थित लगभग 100 वर्ष पुराने बालाजी मंदिर का मुद्दा इन दिनों चर्चा के केंद्र में है। “बालाजी मंदिर हटाने की प्रक्रिया पर बवाल, एक ओर जहां शहर के विकास और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन इस कार्य को जरूरी बता रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय श्रद्धालुओं की भावनाएं भी इससे जुड़ी हुई हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह मंदिर वर्षों से उनकी आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, खासकर मंगलवार और शनिवार को यहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर को हटाने की प्रक्रिया ने लोगों को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि विकास कार्यों के दौरान धार्मिक स्थलों के प्रति संवेदनशीलता बरती जाए।
वहीं कुछ नागरिकों ने यह भी मांग उठाई है कि यदि सड़क चौड़ीकरण के लिए कार्रवाई की जा रही है तो वह पूरी तरह निष्पक्ष और समान रूप से हो। उनका कहना है कि सभी प्रकार के अतिक्रमणों पर बिना भेदभाव के कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी भी वर्ग में असंतोष की भावना न पैदा हो।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सड़क चौड़ीकरण शहर की बढ़ती यातायात समस्या को देखते हुए आवश्यक है और सभी निर्णय नियमानुसार लिए जा रहे हैं।
अब स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग यह है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन और आमजन के बीच संवाद स्थापित किया जाए। यदि दोनों पक्ष मिलकर समाधान निकालें, तो विकास कार्यों के साथ-साथ धार्मिक आस्था का सम्मान भी बनाए रखा जा सकता है।





