कोटा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में एलपीजी गैस सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने, जमाखोरी रोकने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया ने आदेश जारी कर समितियों का गठन किया गया है।
आदेश में बताया गया कि जिला स्तरीय एलपीजी समिति में जिला रसद अधिकारी प्रथम एवं द्वितीय, संबंधित क्षेत्र के पुलिस उप अधीक्षक (डीवाईएसपी) एवं तेल विपणन कम्पनी (आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल) के सेल्स ऑफिसर शामिल होंगे। उपखंड स्तरीय एलपीजी समिति में संबंधित उपखंड अधिकारी एवं संबंधित क्षेत्र के पुलिस उप अधीक्षक (डीवाईएसपी) शामिल होंगे।
समितियों के कार्य एवं निर्देश
जिला कलक्टर ने समितियों को निर्देश दिए हैं कि समिति गैस एजेंसियों के पास उपलब्ध स्टॉक और रीफिल वेटिंग पीरियड को रिव्यू करेंगी। एलपीजी सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी, कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करेंगी। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग और डायवर्जन को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाएगा। ग्राहकों को दूसरा सिलेंडर 25 दिन के अंतराल के बाद ही मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों (हॉस्टलों सहित) को गैस की नियमानुसार निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना समिति की प्राथमकिता होगी। गैस एजेंसियों पर ई-केवाईसी और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली के सही कार्यान्वयन की निगरानी करना ताकि गैस का वितरण वास्तविक उपभोक्ताओं को ही हो।
नियंत्रण कक्ष और रिपोर्टिंग
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिला रसद अधिकारी कार्यालय द्वारा जिला स्तरीय कंट्रोल रूम को संचालित किया जाए। जिला रसद अधिकारी कार्यालय का फोन नंबर 0744-2323874 क्रियाशील रखा जाए। उन्होंने बताया कि आमजन अपनी शिकायतें पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी दर्ज करा सकते हैं।
किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर समिति के सदस्य एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर, 2000 के तहत जब्ती और कानूनी कार्यवाही करने के लिए अधिकृत हैं।






