क्राइम स्टोरी✍️
कोटा के महावीर नगर थाना क्षेत्र में हुई करीब एक करोड़ रुपये की सोने की चोरी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझाकर दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश सिटी एसपी डॉ. तेजस्वनी गौतम के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने किया।
🫵कैसे हुआ खुलासा
26 जनवरी 2026 को महावीर नगर द्वितीय निवासी कपिल सोनी ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि उनके मकान की ऊपरी मंजिल पर आभूषण निर्माण का कारखाना चलता है, जहां करीब 15 कारीगर काम करते हैं।
कुछ दिन पहले ही एक नया कारीगर इमरान मलिक उनके यहां काम पर आया था। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे पता चला कि कारखाने से 761 ग्राम सोना गायब है और इमरान भी लापता है। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो कपिल सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले में बीएनएस 2023 की धारा 305(ए) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
👉जांच में जुटी पुलिस टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी सिटी दिलीप सैनी और आईपीएस प्रशिक्षु सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने मौके का निरीक्षण किया। थानाधिकारी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गईं।
टीमों ने:
घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले
स्थानीय लोगों से पूछताछ की
तकनीकी साक्ष्य जुटाए
एफएसएल और कार्य प्रणाली शाखा से जांच करवाई
रेलवे स्टेशन और अन्य स्थानों के फुटेज से पता चला कि आरोपी मुंबई की ओर फरार हुए हैं।
पश्चिम बंगाल से मिली अहम कड़ी
तकनीकी विश्लेषण से पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के निवासी हैं। इसके बाद एक टीम पश्चिम बंगाल और दूसरी टीम मुंबई भेजी गई।
लगातार दबिश और स्थानीय पुलिस की मदद से हुगली जिले के ग्रामीण इलाके में छिपे दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर कोटा लाया गया।
🫵साजिश का पर्दाफाश
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
मुख्य आरोपी:
कुरबानी मंडल (39 वर्ष)
निवासी: हुरीपल, जिला हुगली (प. बंगाल)
इमरान मलिक (19 वर्ष)
निवासी: हुरीपल, जिला हुगली (प. बंगाल)
कुरबानी मंडल पहले भी कपिल सोनी के कारखाने में काम कर चुका था। आर्थिक तंगी के कारण उसने अपने साथी शेख जहांगीर के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।
योजना के तहत:
शेख जहांगीर ने कपिल सोनी से संपर्क किया
कारीगर की जरूरत बताकर इमरान को भेजा
इमरान फर्जी आधार कार्ड लेकर कोटा पहुंचा
एक दिन काम करने के बाद तिजोरी की चाबी चुराई
मौका पाकर 761 ग्राम सोना लेकर फरार हो गया
मुंबई होते हुए पश्चिम बंगाल भाग गया
पुलिस की सटीक रणनीति
रेलवे फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस रिमांड लिया गया है, ताकि चोरी किए गए सोने की बरामदगी की जा सके और अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की जांच हो सके।
इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक कमल किशोर की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
निष्कर्ष
यह मामला साबित करता है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से वारदात को अंजाम दें, पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच से बच नहीं सकते।
महावीर नगर पुलिस की तत्परता और टीमवर्क से एक करोड़ की चोरी का पर्दाफाश हुआ और पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद जगी।




