Sunday, April 19, 2026
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कोटा में चिकित्सा के नए आयामों पर विश्व प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीन शर्मा का विशेष सत्र 

कोटा। चिकित्सा जगत आज तेज़ी से नई दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहाँ तकनीक डॉक्टरों के अनुभव का सशक्त सहारा बन रही है। रोबोटिक तकनीक ने इलाज और सर्जरी की सोच को पूरी तरह बदल दिया है। बहुत छोटे चीरे, अधिक सटीकता, कम दर्द और जल्दी स्वस्थ होने जैसे लाभों के कारण रोबोटिक तकनीक को चिकित्सा का भविष्य माना जा रहा है। इसी उन्नत सोच और आधुनिक तकनीकों को चिकित्सक समुदाय तक पहुँचाने के उद्देश्य से इटर्नल हॉस्पिटल, जयपुर और आईएमए कोटा व एपीए कोटा द्वारा शहर में एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें देश के अनुभवी विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवा में आ रहे नए आयामों पर अपने विचार साझा किए। इस मौके पर विश्व प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीन शर्मा ने हृदय रोगों और उनके इलाज से जुड़ी नवीनतम तकनीकों के बारे में जानकारी दी।

हॉस्पिटल की को-चेयरपर्सन मंजू शर्मा ने इटर्नल हॉस्पिटल के विजन और आगामी वर्ष में तय किए लक्ष्यों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इटर्नल हॉस्पिटल राजस्थान का पहला हॉस्पिटल है जिसमे उन्नत टेक्नोलॉजी युक्त Da Vinci Xi रोबोटिक सर्जरी सिस्टम के साथ सर्जरी की जा रही है।वहीं सीईओ डॉ. प्राचीश प्रकाश ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।

*बिना ऑपरेशन के संभव वॉल्व रिप्लेसमेंट: डॉ. समीन शर्मा*

डॉ. समीन शर्मा ने कार्डियोलॉजी में आ रही नवीनतम तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब हार्ट वाल्व की जटिल बीमारियों में टावी जैसी आधुनिक तकनीक से बिना बड़े ऑपरेशन के वाल्व बदला जा सकता है। इसके अलावा हार्ट की सख्त नसों में जमा कैल्शियम को हटाने के लिए रोटब्लेशन तकनीक से एंजियोप्लास्टी को अधिक सुरक्षित और सफल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये तकनीकें मरीजों की रिकवरी को तेज करती हैं और जोखिम को कम करती हैं।

*मिनिमल इनवेसिव सर्जरी से बेहतर हुए बायपास के परिणाम*

कार्डियक साइंस विभाग के चेयरमैन और सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ. अजीत बाना ने बायपास सर्जरी में हो रहे सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिनिमल इनवेसिव सर्जरी तकनीक, बेहतर मशीनें और उन्नत देखभाल के कारण अब बायपास सर्जरी के परिणाम पहले से कहीं अधिक अच्छे हो रहे हैं। हॉस्पिटल में सभी प्रकार की सर्जरी की जा रही है। मरीज जल्दी स्वस्थ हो रहे हैं और उनकी जीवन गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखने को मिल रहा है।

*स्ट्रोक के प्रबंधन पर जोर* –

न्यूरोसाइंस विभाग के चेयरमैन डॉ. सुरेश गुप्ता ने स्ट्रोक के समय पर उपचार के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि सही समय पर इलाज मिलने से मरीज को लकवे जैसे स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है। इंटरवेंशनल पद्वति से स्ट्रोक के इलाज में काफी सफल परिणाम मिल रहे हैं।

*फेफड़ों के रोगों में उन्नत इलाज* –

डॉ. के. के. शर्मा ने इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब फेफड़ों की कई जटिल बीमारियों का इलाज बिना बड़े ऑपरेशन के संभव हो गया है। आधुनिक जांच और उपचार से मरीज को कम दर्द और जल्दी राहत मिलती है।

*रोबोटिक सर्जरी : भविष्य की दिशा* –

जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. कपिलेश्वर विजय ने पेट की सर्जरी में रोबोटिक तकनीक की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से सटीकता बढ़ती है, खून कम बहता है और मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौटता है। आने वाले समय में यह तकनीक सर्जरी का अहम हिस्सा बनेगी।

सत्र के अंत मे IMA प्रेजिडेंट डॉ के श्रृंगी एवं एपीआई प्रेजिडेंट डॉ सी पी मीना ने जयपुर से आये डॉ को धन्यवाद ज्ञापन देते हुए बताया कि इस प्रकार की जानकारी निश्चित तौर पर कोटा नागरिकों को लाभदायक होंगी।

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