आज साहित्यिक संस्था विकल्प जन सांस्कृतिक मंच, कोटा द्वारा शिवपुरा स्थित शायर शकूर अनवर के आवास पर बीना ( मध्य प्रदेश) से पधारे सुप्रसिद्ध साहित्यकार महेश कटारे सुगम के सम्मान में एक ग़ज़ल _गोष्ठी का आयोजन किया गया। सुगम ने अपनी हिंदी और बुंदेली की बेहतरीन गजलें प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में देश की हर भाषा और बोली में गजलें लिखी जा रही हैं। उन्होने यह भी कहा कि ग़ज़ल हमें तोड़ती नहीं जोड़ती है। ग़ज़ल हिंदी या उर्दू नहीं, ग़ज़ल, अपने हर रंग में ग़ज़ल होती है। मेजबान शायर शकूर अनवर ने मुख्य अतिथि सुगम को अपना गज़ल संग्रह ” पथराई झीलें ” तथा गोष्ठी का संचालन कर रहे कवि महेन्द्र नेह ने अपनी पुस्तक,” भगत सिंह चालीसा ” भेंट की । गोष्ठी में चांद शेरी, महेन्द्र नेह, शकूर अनवर और अतिथि साहित्यकार महेश कटारे सुगम ने अपनी प्रतिनिधि गजलें प्रस्तुत कर गोष्ठी को यादगार बनाया। -: प्रस्तुति: दिनेश राय द्विवेदी




