कोटा/ इस अवसर पर क्षेत्र के महामंत्री महेंद्र कासलीवाल ने बताया कि सतयुगी संत अध्यात्म शिरोमणी परम पूज्य आचार्य विधासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य तीर्थं चक्रवर्ती निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से पुण्योदय क्षेत्र में बड़े बाबा श्री 1008 आदिनाथ भगवान के सम्मुख क्षेत्र के अध्यक्ष जम्बू जी सरार्फ श्रीमति अर्चना दुगेरिया सर्राफ के सुपुत्र दिव्यांश जैन ने चक्रवर्ती विवाह के विधि विधान पूर्वक अपनी जीवन संगिनी मुस्कान जैन सुपुत्री संगीता जैन के साथ परिणय बंधन को स्वीकार किया है और पूर्व संध्या में एक शाम सुधा गुरु के नाम के भक्ति संध्या में भाव विभोर होकर देव शास्त्र गुरु का गुणानुवाद किया सम्पूर्ण मांगलिक क्रियाये स्नातक सिंगर सौरभ सिद्धांर्थ कोटा के द्वारा गुरुजी का आशीर्वाद लेकर सम्पन्न कराई। इस अवसर पर भक्त और शुभ चिंतक, परिवार सहित सकल जैन समाज ने उपस्थित रह कर जम्बु जी अर्चना जी के इस आयोजन की भरपुर सराहना की व दिव्यांश और मुस्कान को वर-वधू के रूप में मंगल आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।
धर्मचंद जैन धान्योपा ने बताया इस अवसर पर दुगेरिया परिवार ने पुण्योदय क्षेत्र एवं बसंत विहार मंदिर को दान देकर धर्म की और धार्मिक संस्कारों को पुनर्जीवित कर धर्म की प्रभावना की।






