-भारत सिंह चौहान✍️
कोटा/कोटा विकास प्राधिकरण में बुधवार को श्री हरफूल सिंह यादव (आईएएस) कार्यभार ग्रहण करेंगे। वे श्री ऋषभ मंडल के बाद प्राधिकरण के दूसरे पूर्णकालीन केडीसी होंगे। यादव पूर्व में अतिरिक्त क्षेत्रीय विकास आयुक्त के पद पर रहते हुए कोटा विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त कार्यभार संभाल चुके हैं। उसी दौरान उनकी संवेदनशील, सरल और प्रभावी जनसुनवाई प्रणाली के कारण वे आमजन के बीच विशेष रूप से चर्चित रहे। उनकी कार्यशैली ने लोगों के मन में भरोसा जगाया था, और अब उनके पुनः आने से नागरिकों में नई अपेक्षाएँ जागृत हो गई हैं।
जनसुनवाई—उनकी कार्यशैली की पहचान
अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान श्री यादव बार-बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि—“जनसुनवाई का उद्देश्य नागरिकों को सरल, मानवीय और समयबद्ध राहत उपलब्ध कराना है।”यादव की दृष्टि सदैव लोक-केंद्रित प्रशासन पर आधारित रही है:
• “जब भी कोई निर्णय लें, पहले सोचें कि यदि आप स्वयं आमजन की जगह होते, तो क्या अपेक्षा रखते।”
• उनका मानना है कि सच्चा पुण्य सेवानिवृत्ति के बाद नहीं, बल्कि कार्यकाल में की गई ईमानदार जनसेवा में है।
• वे जनसुनवाई को संवेदनशील प्रशासन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हैं।
• उन्होंने इस प्रक्रिया को नियमित, सरल, पारदर्शी और सुचारु बनाने पर निरंतर बल दिया।
• उनकी सोच के अनुसार—
“कर्मक्षेत्र में रहकर की गई सेवा ही वास्तविक साधना है।”कोटा में आरंभ हुई जनसुनवाई—एक विचार से समाधान की ओर बढ़ने की निरंतर प्रक्रिया है।”पुनः पदस्थापन—व्यवस्था में नई गति और नई दिशा
आयुक्त पद पर उनकी पुनर्वापसी से कोटा विकास प्राधिकरण में—
• जनसुनवाई व्यवस्था को तीव्र गति ,
• प्रशासनिक कार्यप्रणाली के अधिक संगठित रूप,
• निर्णय प्रक्रिया में तेजी,
• और कार्यों के परिणाममुखी क्रियान्वयन की व्यापक उम्मीदें जताई जा रही हैं।
नागरिक मानते हैं कि उनका दोबारा आना प्राधिकरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा-भाव आधारित प्रशासन को नए स्तर पर ले जाएगा।
अधूरी योजनाओं को मिलेगा नया संबल
यादव द्वारा पूर्व कार्यकाल में कई योजनाओं को लागू करने का खाका तैयार किया गया था, अब उनकी पुनः पदस्थापन से माना जा रहा है कि—उन योजनाओं को नई दिशा, गति और क्रियान्विति मिल सकेगी।






