नई दिल्ली।भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आज नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में नियामकों की संयुक्त समिति (JCoR) की 9वीं बैठक आयोजित की।
बैठक में आरबीआई, सेबी, पीएफआरडीए, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, गृह मंत्रालय, उपभोक्ता कार्य मंत्रालय और एनपीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
चर्चा का मुख्य विषय रहा — उपभोक्ता सशक्तिकरण, डिजिटल विश्वास बढ़ाना, और स्पैम व ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा। उद्योग जगत की ओर से गूगल, मेटा, जीएसएमए और सीओएआई के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
समिति ने डिजिटल सहमति प्राप्ति पायलट परियोजना की प्रगति की समीक्षा की, जिसे 11 बैंकों में ट्राई और आरबीआई के सहयोग से लागू किया जा रहा है। यह परियोजना फरवरी 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
साथ ही, 8वीं JCoR बैठक (22 जुलाई 2025) में लिए गए निर्णयों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। नई एजेंडा बिंदुओं में 1600-श्रृंखला नंबरिंग योजना, छोटे यूआरएल के दुरुपयोग पर रोक, एसएमएस लिंक और कॉलबैक नंबरों का श्वेतसूचीकरण, तथा ब्लैकलिस्टेड संस्थाओं की जानकारी सार्वजनिक करना शामिल रहा।
बैठक का फोकस डिजिटल संचार व्यवस्था की सुरक्षा, पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने पर रहा।






