“ऐसे समय मे जब शहरी और ग्रामीण क्षेत्र दोनों में महंगाई, अवसरों की कमी और असंगठित रोजगार ने युवा शक्ति के सपनों पर असर डाला है, देश के प्रख्यात युवा मैनेजमेंट विश्लेषक पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट ग्लोबल एक्सीलेंस फोरम नई दिल्ली के नेशनल प्रेसिडेंट (यूथ अफेयर्स) डॉ नयन प्रकाश गांधी के अनुसार ऐसे विकट काल में वैश्विक अस्थिरता मे “पीएम विकसित भारत रोजगार योजना देश में रोजगार सृजन को एक नई ऊर्जा और देश की आर्थिक धुरी को गति देने वाला मील का पत्थर साबित होगा, प्रधानमंत्री की मंशा युवाओं को सशक्त , आत्मनिर्भर और अखंड भारत के विश्व विजेता बनने की और है”

भारत में युवा आबादी दुनिया में सबसे बड़ी है, लेकिन बीते वर्षों में नौजवानों के सामने रोजगार एक बड़ी चुनौती रही है। शिक्षा ग्रहण करने के बाद उपयुक्त नौकरी पाना या पहली बार काम शुरू करना अधिकांश युवाओं के लिए कठिन रहा है। 2020 और उसके बाद कोविड-19 महामारी ने भी रोजगार पर संकट पैदा किया, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षित युवा बेरोजगार रहे। शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र दोनों में महंगाई, अवसरों की कमी और असंगठित रोजगार ने युवा शक्ति के सपनों पर असर डाला।

नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2024 तक देश में बेरोजगारी की दर 7% के आसपास रही, जबकि कॉलेज से निकलने वाले नये युवाओं को जॉब मार्केट में एडजस्ट करने में समय और कठिनाई का सामना करना पड़ा। रोजगार के पारंपरिक साधन तकनीकी बदलावों के कारण सीमित हो गए, ऐसे में करोड़ों युवाओं को सरकारी मदद, कौशल विकास और उद्योग में समायोजन की आवश्यकता थी। यही पृष्ठभूमि है, जिसमें प्रधानमंत्री ने “विकसित भारत रोजगार योजना” पोर्टल को लॉन्च किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आज विकास और सशक्तीकरण के नए आयाम रच रहा है।

युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में उठाया गया नवीनतम कदम “पीएम विकसित भारत रोजगार योजना” देश में रोजगार सृजन को एक नई ऊर्जा और गति देने वाला साबित होगा। यह न सिर्फ युवा पीढ़ी को अपने सपनों को साकार करने का मौका देगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के अनुसार, इस योजना के तहत लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि 1 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 तक दो वर्षों के भीतर 3.5 करोड़ से अधिक नई नौकरियां सृजित हों। यह लक्ष्य बड़ी सोच, दूरदृष्टि और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है। देश की युवा शक्ति को सम्बल देने और देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में ऊँचा उठाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की सराहना की जानी चाहिए।

इस योजना के अंतर्गत सरकार ने “पीएम विकसित भारत रोजगार योजना पोर्टल” लॉन्च किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्री ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से देश के सभी नियोजकों एवं पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को एक स्थान पर लाया जाएगा, जिससे उन्हें योजना से जुड़ी आवश्यक जानकारी सरलता से उपलब्ध होगी। यह डिजिटलीकरण की दिशा में एक प्रभावी कदम है, जिसके माध्यम से पारदर्शिता, सुविधा और गति को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी नियोजक और पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी इस योजना के अंतर्गत हैं। इसके लिए कोई भी व्यक्ति पोर्टल पर पंजीकरण कर सकता है या उम्मंग ऐप के माध्यम से अपना UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) अपलोड करके प्रोत्साहन लाभ हासिल कर सकता है। डिजिटल इंडिया के विजन के अनुरूप यह पहल न केवल प्रक्रिया को सरल बनाती है, बल्कि भ्रष्टाचार व बिचौलियों की भूमिका भी कम करती है। युवाओं को पहली बार नौकरी मिलने पर प्रोत्साहन देकर सरकार ने उनके हौसले को मजबूत किया है। आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में नए कर्मचारी अक्सर अनुभव की कमी और दिशानिर्देशों के अभाव के कारण परेशान रहते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा दिया गया वित्तीय और संस्थागत सहयोग उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा। यह योजना उन युवाओं के लिए एक आशा की किरण है जो उत्तरदायित्व, सम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता की तलाश में हैं
इसयोजना के प्रभाव से न केवल शहरी क्षेत्र, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवा भी लाभान्वित होंगे। देश भर में लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी जीवनशैली, सामाजिक स्थिति और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होगी। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कंपनियां और उद्योग भी सरकार के सहयोग से अपने कार्यबल को बढ़ा सकेंगे। युवा मैनेजमेंट विश्लेषक, पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट एलुमनाई आईआईपीएस मुंबई डॉ नयन प्रकाश गांधी का मानना है कि
प्रधानमंत्री की यह पहल सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि नवाचार और बदलाव का प्रतीक है। इसमें रोजगार सृजन, डिजिटल सुगमता, पारदर्शिता, और उद्योग-व्यापार को साथ जोड़कर एक समग्र सिस्टम बनाया गया है। इससे आने वाले वर्षों में भारत आर्थिक दृष्टि से और मजबूत बनेगा, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभाएगा और युवा शक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। अंत में कहना उचित होगा कि पीएम विकसित भारत रोजगार योजना भारतीय युवाओं के सपनों को साकार करने की दिशा में एक रास्ता है। प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता, संकल्प और युवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की जितनी तारीफ की जाए, कम है। अगर इसी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं को लागू किया जाता रहा, तो निश्चित तौर पर भारत विश्व के सबसे बड़े और सशक्त कार्यबल वाले देशों में अपनी अग्रणी पहचान बनाएगा। इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को विनम्र अभिनंदन। यह प्रयास देश के हर उस युवा के लिए प्रेरणादायक है, जो आज बेहतर भविष्य का सपना देख रहा है।
लेखक परिचय
डॉ. नयन प्रकाश गांधी ग्लोबल एक्सीलेंसी फोरम नई दिल्ली के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट (यूथ अफेयर्स) है, वर्ल्ड यूथ ऑर्गनाइजेशन इंडिया के एशियाई संयुक्त निदेशक भी रह चुके है एवं ग्लोबल यूथ पीस कमेटी नई दिल्ली, दिव्य युवा मंच हरियाणा, यूथ एडवांसमेंट फोरम , पर्यावरण योद्धा ग्रीन परिवार आदि कई सामाजिक, शाइन इंडिया , ख्वाब फाउंडेशन, दिया, ब्रह्मकुमारीज आदि कई संस्थाओं से जुड़े हुए है एवं नेशनल यूथ अवॉर्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया एवं यूथ फोरम से नेशनल यूथ एक्सीलेंस अवार्ड से एवं अनेकों संस्थाओं से युवा सम्मान से सम्मानित हो चुके है। गांधी पूर्व सलाहकार, ग्रामीण विकास, राजस्थान सरकार एवं आर्थिकी सांख्यिकी निदेशालय योजना भवन में स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर रह चुके हैं उन्हें अपने कार्य के दौरान नेशनल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन भी विभागीय टीम के प्रतिनिधित्व के साथ प्राप्त हुआ था। वे अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (IIPS), मुंबई विश्वविद्यालय के पॉपुलेशन स्ट्डीज के एलुमनाई रहे हैं, एवं देश के प्रख्यात युवा मैनेजमेंट विश्लेषक व सामाजिक विचारक हैं। वे स्वतंत्र रूप से सामाजिक पत्रकारिता में सक्रिय हैं और लगातार समय-समय पर निर्भीक और निष्पक्ष रूप से जन-कल्याणकारी एवं आमजन हित के सामाजिक मुद्दों पर प्रभावशाली लेखन करते रहते हैं। ये उनके अपने विचार है।






