Wednesday, September 2, 2026
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कोटा-दुर्गापुरा राखी स्पेशल भी गई खाली,इस बार भी नहीं दी सूचना

कोटा। रेलवे द्वारा शनिवार को चलाई गई कोटा-दुर्गापुर राखी स्पेशल ट्रेन भी पूरी तरह खाली गई। 11 कोच की ट्रेन चंद यात्रियों के लिए भी तरस गई। ट्रेन देखकर लग रहा था कि रेलवे द्वारा खाली रैक चलाया गया हो। इस ट्रेन को कोटा के अलावा लाखेरी, इंद्रगढ़, सवाई माधोपुर और वनस्थली निवाई से भी यात्री नहीं मिले।

सिर्फ अधिकारियों को पता थी ट्रेन चलेगी

रेलवे द्वारा इस ट्रेन की भी कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई। न इसकी कोई विज्ञप्ति जारी की और न ही रेलवे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स, फेसबुक और मीडिया ग्रुप पर ट्रेन की जानकारी देना जरूरी समझा। केवल अधिकारियों को इस ट्रेन के चलने की जानकारी थी।

‘कोटा रेल न्यूज़’ ने दी सूचना

हालांकि सूत्रों के हवाले से ‘कोटा रेल न्यूज’ ने दोपहर को ही इस ट्रेन के चलने की सूचना जारी कर दी थी। शाम को अधिकारियों ने भी इस खबर की पुष्टि कर दी थी। लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों को इस ट्रेन की सार्वजनिक सूचना जारी करना गैर जरूरी लगा।

इसी तरह रेलवे ने शनिवार को ही सोगरिया-दानापुर राखी स्पेशल ट्रेन का भी संचालन किया था। लेकिन इस ट्रेन को भी पर्याप्त यात्री भार नहीं मिला।

त्योहार के दिन चलाने का निर्णय गलत

राखी स्पेशल को पर्याप्त यात्री बार नहीं मिलने का मुख्य कारण त्योहार के दिन ही इन ट्रेनों को चलाना माना जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि त्योहार के ठीक पहले या बाद में ट्रेनों में क्षमता से ज्यादा यात्री भार रहता है। लेकिन ठीक त्योहार के दिन यात्री भार लगभग शून्य हो जाता है। लेकिन बरसों से रेलवे में काम कर रहे कोटा मंडल अधिकारियों को शायद यह बात समझ में नहीं आती। यही कारण है कि राखी के त्योहार पर अधिकारी समय पर स्पेशल ट्रेन चलाने में पूरी तरह विफल रहे।

3 दिन में दूसरा मामला

उल्लेखनीय की स्पेशल ट्रेन को यात्री नहीं मिलने का 3 दिन में यह दूसरा मामला है। इससे पहले रेलवे ने गुरुवार को भी कोटा-भोपाल स्पेशल ट्रेन का संचालन किया था। लेकिन सूचना के अभाव में यह ट्रेन भी पूरी तरह खाली गई थी। जानकारी नहीं मिलने से अगले दिन वापसी में भी यह ट्रेन खाली आई थी। हालांकि तब रेलवे ने अपनी सफाई में इस ट्रेन को भोपाल में फंसे श्रद्धालु को निकालने के लिए भेजे जाने की बात कही थी। लेकिन खाली गई कोटा-दुर्गापुर राखी स्पेशल के मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

डीआरएम की डांट का भी नहीं असर

राखी स्पेशल ट्रेन समय पर नहीं चलाने पर कोटा मंडल अधिकारियों की सबसे बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। इसके लिए अधिकारी एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। अधिकारी फाइलों को एक-दूसरे के पास अटकने की बात कह रहे हैं।

इस निकम्मेपन के लिए पिछले दिनों एक पुरस्कार वितरण समारोह में डीआरएम अनिल कालरा अधिकारियों को बेशर्म तक कह चुके हैं। लेकिन सामने आई अव्यवस्था को देखकर नहीं लग रहा की डीआरएम की इन बातों का असर किसी अधिकारी पर हुआ हो।

यही कारण है कि स्पेशल ट्रेन चलाने की अधिकारियों की सारी योजना फेल हो गई। राखी के एक दिन पहले भी देर रात तक डीआरएम स्टेशन और सर्कुलेटिंग एरिया में व्यवस्था संभालते नजर आए। भारी भीड़ के बावजूद भी और किसी अधिकारी ने यात्रियों की खैर खबर लेना जरूरी नहीं समझा।

परेशान हुए हजारों यात्री

अधिकारियों की इन हरकतों का खामियाजा हजारों यात्रियों को भुगतना पड़ा। अत्यधिक भीड़ के कारण आरक्षित कोचों के यात्री भी अपनी सीट पर नहीं बैठ सके। भीड़ और जाम से निपटने के कु प्रबंधकों के चलते त्योहार पर कई यात्रियों की ट्रेन छूट गई। यह किराया भाड़ा खर्च कर चुके यह यात्री रेलवे को कोसते हुए अपने घर लौटे। यात्रियों की यह नाराजगी सोशल मीडिया पर जमकर नजर आई।

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