गुजरात के वडनगर में हाल ही में 1200 साल पुराना कंकाल योग मुद्रा में पाया गया,जिससे यह संकेत मिलता है कि यह स्थल प्राचीन बौद्ध अध्ययन और योग केंद्र हो सकता है। लखनऊ स्थित बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में डॉ. नीरज राय के नेतृत्व में कंकाल की डीएनए जांच की जा रही है। इस शोध से यह भी सामने आया है कि वडनगर सदियों से एक बसा हुआ क्षेत्र रहा है, और यहां सेंट्रल एशिया समेत अन्य स्थानों से लोग आते-जाते थे। कंकाल के डीएनए परीक्षण से पता चला है कि यहां 1,200 से 2,000 साल पुराने कंकाल मिले हैं, जिनमें से एक महिला का कंकाल भी शामिल है। शोधकर्ताओं के अनुसार, भारतीय परिदृश्य में कंकाल का डीएनए तीन से चार हजार सालों तक सुरक्षित रहता है। यह खोज प्राचीन भारतीय संस्कृति और सभ्यता के बारे में नई जानकारी प्रदान करती है। वडनगर का यह स्थल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मस्थान भी है, और यहां पिछले दस वर्षों से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा खनन कार्य जारी है। यह खोज इतिहासकारों और पुरातत्व विशेषज्ञों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






