ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन के कोटा शहर जिलाध्यक्ष रविशंकर सामरिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करने वाले मीडिया कर्मी आंतरिक स्तर पर गंभीर मुसीबतें झेल रहे हैं। जिसका अंदाजा सरकार या शासन को नहीं है। जनसंपर्क विभागों की हालत इतनी खस्ता है कि वहां के कर्मचारियों के खर्च नहीं निकल रहे हैं मीडियाकर्मियों को योजनाएं देने की बात तो बहुत दूर है। पूर्व में राज्य सरकारों ने पत्रकारों को लैपटॉप और मेडिकल डायरी देने के वादे किए लेकिन जिन्हें मिले वह इसे पाकर खुशी नहीं दिखे। सरकार की जिम्मेदारी है पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य लाभ सुविधाओं में विस्तार होना चाहिए। आज के दौर में प्रिंट-इलेक्ट्रानिक और वेब मीडियाकर्मी मिलकर काम करते हैं। प्रत्येक मीडियाकर्मी को पूरे और
निशुल्क टोल टैक्स, 50 लाख जीवन बीमा, 15 लाख मुफ्त इलाज मेडिकल डायरी एवं निशुल्क आवासीय योजना का लाभ मिलना चाहिए। मुख्यतः अधिस्वीकृत और गैर-अधिस्वीकृत पत्रकारों की सुचारू लाभ दिलाकर रहेंगे। जिले सहित प्रदेश में पत्रकार अभाव अभियोग का जीवन जीने को मजबूर है ऐसी स्थिति में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समक्ष जल्द एक ज्ञापन प्रस्तुत करके मीडिया वर्ग के उत्थान और कल्याण हक अधिकारों के लिए मांग पत्र सौंपा जाएगा।






