.कोटा /शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 कोटा की पूर्व अध्यक्ष संध्या राठौड़ ने गबन की जाँच के आधार पर निष्काषित तीन कार्मिको को आपसी मिलीभगत से वापस नौकरी मे लेने पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए इस प्रकरण मे उपरजिस्ट्रार गोविन्द लड्डा एवं मौजूदा अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल के भ्रस्टाचार की जांच की मांग ACB से की है l
पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि
शिक्षा सहकारी 696कोटा में चार वर्ष पूर्व शिकायत मिलने पर गबन की जांच संस्था के आठ संचालकों उपाध्यक्ष सुरेश मेहरा, मंत्री जमना लाल गुर्जर, संचालक उमेश मीणा, मुकेश तिवारी, मनोज श्रगी, जे पी गौतम, पूनम गौतम, राजमल मीणा तथा प्रिंसिपल अशोक टेलर के जांच दल द्वारा की गई थी।जांच दल की 281पेज की जांच रिर्पोट के आधार पर दोषी तीन कार्मिकों आनंद सिंह गोड लेखाकार, मगन सिंह राठौड़ कंप्यूटर ऑपरेटर, श्रद्धा लिपिक को जालसाजी, हेराफेरी कर साढ़े छः लाख से अधिक की धनराशि का गबन करने, अन्य कई वित्तीय अनियमितताएं करने का दोषी पाया गया था तथा इन्हें 28/8/2020 को सेवा से निष्कासित कर दिया था। इसकी पुष्टि साधारण सभा की बैठक, आमसभा में भी कर दी गई, इन निष्काषित कार्मिको की अपील तत्कालीन अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार कर दी गयी l इनकी अपील उप रजिस्ट्रार, रजिस्ट्रार कार्यालय से भी अस्वीकृत हो गयी l माननीय उच्च न्यायालय से भी इन्हे अंतरिम राहत नहीं दी गयी l सहकारी नियमानुसार इन्ही गड़बड़ियों की जांच व गबन राशि की वसूली करने के लिए वाद उप रजिस्ट्रार सहकारी समितिया कोटा के कर्यालय में पेश किया गया लेकिन उप रजिस्ट्रार एवं मौजूदा अध्यक्ष ने निष्कासित तीनों कार्मिकों से सेटिंग कर उन्हें वापस नोकरी पर लगाने की मंशा से पूर्व की जांच रिर्पोट को ही अमान्य कर दिया l मुख्य आरोपी आनंद सिंह को ग्रीष्मावकास में सहकारी के अध्यक्ष कक्ष में बैठा कर जांच से संबंधित ओरिजनल दस्तावेज खुर्द बूर्ड करा दिए है जिसकी शिकायत उस समय सहकरिता विभाग के साथ पुलिस में भी की गई थी लेकिन सारा खेल आपसी मिलीभगत एवं राजनीतिक संरक्षण में हुआ है।तीनों कार्मिकों को बचाने तथा उन्हें वापस नौकरी में लगाने के उद्देश्य से इन्हें जांच में निर्दोष दिखाने की खुरापात की गईथी जिस पर संस्था की पूर्व अध्यक्ष संध्या राठौड़ ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार को ज्ञापन देकर उनके स्तर से जॉच कराने हेतू जांच अधिकारी बदलने की मांग की थी तथा जांच में भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुऐ मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री, शासन सचिव , रजिस्ट्रार को पत्र भेजे थे शिक्ष्क संघ शेखावत के द्वारा भी दो बार धरना प्रदर्शन कर उप रजिस्ट्रार के पक्षपात पूर्ण व्यवहार की शिकायत कर इनको कोटा से हटाने की मांग की गई। उक्त आधिकारी अपने पीछे बहुत बड़े नेता का हाथ बताता है इसके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुयी जिससे उप रजिस्ट्रार ने निरंकुश होकर मौजूदा अध्यक्ष से मिलीभगत कर बिना कार्यकारिणी एवं आम सभा मे प्रस्ताव पारित कराये तीनो गबन के दोषियों की वापस नौकरी मे बहाली कर दी!इसी से व्यथित पूर्व अध्यक्ष ने इस सम्पूर्ण प्रकरण मे निष्पक्ष जाँच की मांग का पत्र मुख्यमंत्री जी, सहकारिता मंत्री जी, महा निरीक्षक महोदय ऐसीबी तथा रजिस्ट्रार सहकारी समिति को भेजा गया है






