स्पेडेक्स / चंद्रयान_4 / बाहुबली
अंतरिक्ष विज्ञान में भारत 15 जनवरी 2025 को चौथा स्थान प्राप्त कर चुका है ।भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में 191 देशों को पीछे छोड़ा है । अमेरिका, रूस और चीन के बाद, भारत चौथे स्थान पर आ गया है ।
धवन सतीश स्थान है, प्रान्त आंध्रा माहिं ।
बहुत राष्ट्र इस विश्व के, भारत रहे सराहि ।।
पीएसएलवी स्पेडेक्स का, बाहुबली है नाम ।
इसरो के इस केंद्र का, उत्कृष्ट रहा है काम ।।
16 जनवरी 25 का, दिन विशेष विख्यात ।
स्पेडैक्स की फतह पर, हुआ विश्व को ज्ञात ।
यह तो दोनों खंड हैं, रखते सम आकार ।।
इन दोनों को जोड़ना, इसरो का व्यापार ।।
किया यत्न श्री सोम ने, हुआ यान तैयार ।।
चंद्र यान भेजा गया, किया स्वप्न साकार ।।
चंद्रयान था एक ही, 470 के. जी. भार ।
ऐसा अद्भुत यान था, सबहिं किया स्वीकार ।।
अंतरिक्ष यान दूर थे, अपनी कक्षा माहिं।
सफल भ्रमण दोनों करें, इसमें संशय नाहिं ।।
प्रयत्न इसरो ने किये, जोड़ दिए दो खंड ।
अद्भुत करतब देखकर, चकित हुआ ब्रह्मांड ।।
दोनों टुकड़े मिल गए, गहरी खींची सांस ।।
जुड़ते दोनों खंड के, पूरन हो गई आस ।।
अनुग्रह इसरो टीम का, सफल कीन्हा प्रयास ।
इसरो वी. नाराण का, काम रहा है खास ।।
Spa=space, D=Docking (To unite)
Ex=Experiment
Un Docking = To Separete
स्पेडेक्स / चंद्रयान_4 / बाहुबली- कवि कालीचरण राजपूत





