Monday, April 20, 2026
IMG-20260122-WA0067
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

तीर्थयात्रा को बेहतरीन करने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए ‘हज सुविधा ऐप’ लॉन्च किया गया; 4,557 से अधिक महिला तीर्थयात्रियों ने बिना मेहरम के तीर्थयात्रा की, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है

अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से अलग अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की स्थापना 2006 में की गई। इस मंत्रालय को इन समुदायों के लिए नीति निर्माण, समन्वय, मूल्यांकन और विकास कार्यक्रमों की निगरानी करने का कार्य सौंपा गया। केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यक अधिकारों की और अधिक सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) की स्थापना की। शुरू में पांच धार्मिक समुदायों – बौद्ध, ईसाई, मुस्लिम, पारसी और सिखों को अल्पसंख्यक के रूप में अधिसूचित किया गया था। वर्ष 2014 में अल्पसंख्यकों की सूची में जैनियों को भी शामिल किया गया। वर्ष 2024 के दौरान अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की प्रमुख उपलब्धियां –

पीएम विकास योजना लोक संवर्धन पर्व अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने अपनी 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत 16 से 31 जुलाई 2024 तक दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली में ‘लोक संवर्धन पर्व’ का आयोजन किया, जिसमें पूरे भारत के अल्पसंख्यक कारीगर शामिल हुए। इस मंच ने कारीगरों को अपनी स्वदेशी कला, शिल्प और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया। यह आयोजन न केवल अल्पसंख्यक समुदायों की परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए बल्कि कारीगरों के लिए एक अभिनव और उद्यमशील वातावरण को बढ़ावा देने के लिए भी डिज़ाइन किया गया था। विपणन, निर्यात तथा ऑनलाइन व्यापार, डिजाइन, जीएसटी और बिक्री आदि जैसे क्षेत्रों में उनके कौशल को बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने हस्तशिल्प के लिए निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की मदद से दैनिक कार्यशालाएं आयोजित की। इससे उनकी प्रतिभा को सशक्त बनाने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण सुनिश्चित हुआ। मंत्रालय के प्रमुख ज्ञान भागीदार जैसे राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) और राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) ने भी भाग लिया और मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत उनके द्वारा समर्थित कारीगरों और उनके शिल्प को प्रदर्शित किया।

इस लोक संवर्धन पर्व में विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित 162 कारीगरों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न राज्यों के 70 से अधिक उत्कृष्ट हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।

उद्घाटन समारोह के दौरान, कॉफी टेबल बुक जारी किया गया और इसके जरिए मंत्रालय की उल्लेखनीय उपलब्धियों का प्रसार किया गया। इस दौरान एनएमडीएफसी की ऋण योजना भी जारी की गई। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और प्रशंसा पदक प्रदान किए गए।

 

कार्यक्रम के दौरान सिंघी छम (शेर नृत्य), मणिपुरी नृत्य, भांगड़ा और अन्य प्रदर्शनों के माध्यम से विभिन्न समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया, जिससे न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया गया बल्कि उन्हें भारत की विविध सांस्कृतिक ताने-बाने के बारे में जानकारी भी मिली।

 

कार्यक्रम के दौरान किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 78 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस लोक संवर्धन पर्व में सकारात्मक या उत्कृष्ट अनुभव होने की सूचना दी, जबकि लगभग 97 प्रतिशत ने मंत्रालय की ओर से भविष्य में आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की।

 

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी)

 

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8 के तहत एक सरकारी निगम है, जो भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है। एनएमडीएफसी की स्थापना संबंधित राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन और केनरा बैंक द्वारा नामित राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (एससीए) के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदायों के बीच पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई है, जिसमें व्यावसायिक समूह और महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। हाल ही में, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और पंजाब ग्रामीण बैंक ने भी पुनर्वित्त मोड पर एनएमडीएफसी योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

 

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान, एनएमडीएफसी ने 1.84 लाख से अधिक लाभार्थियों को शामिल करते हुए 765.45 करोड़ रुपये का रियायती ऋण जारी किया। इसके अलावा, अपनी स्थापना के बाद से एनएमडीएफसी ने 24.84 लाख से अधिक लाभार्थियों को 9,228.19 करोड़ रुपये अधिक का ऋण वितरित किया है। लाभार्थियों में 85 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।

 

एनएमडीएफसी ने आवेदकों, एससीए और एनएमडीएफसी के बीच ऋण लेखा प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए एमआईएलएएन-मिलन (एनएमडीएफसी के लिए अल्पसंख्यक ऋण लेखा सॉफ्टवेयर) ऐप लॉन्च किया है। इसमें एनएमडीएफसी के एमआईएस पोर्टल को भी जोड़ दिया गया, जिस पर 14.57 लाख लाभार्थियों का डेटा उपलब्ध है। मिलन मोबाइल ऐप का एंड्रॉइड और आईओएस संस्करण भी लॉन्च किया गया है।

हज यात्रा 2024-भारत सरकार ने सऊदी अरब के लोगों और वहां की सरकार के सक्रिय समर्थन और सहयोग से पिछले कुछ वर्षों में हज यात्रा प्रबंधन की एक मजबूत, प्रभावी और कुशल प्रणाली विकसित की है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles