*(देवेंद्र शर्मा देवू की कलम से)*
लोकसभा2024 के चुनाव के परिणाम जिस तरह से चौकाने वाले आये उससे कोई दल बाकिफ नहीं था,स्वयं एनडीए भी आश्चर्यचकित है, कि इतना कुछ करने के उपरांत भी हम क्यों पिछड़े।अगर चुनाव परिणामों पर नजर डाली जाए,तो विपक्ष ने जिस प्रकार जनता के मध्य खासकर अनुसूचित जाति/जनजाति के अंदर यह भ्रम फैलाया कि अगर एनडीए की तीसरी बार सरकार बनी तो वह बाबा साहब अम्बेडकर द्वारा बनाये गए संविधान को बदल देंगे।और इसी भड़कावे में आकर अनिसुचित जाति/जनजाति ने एनडीए के खिलाफ देश के अंदर उन शक्तियों के पक्ष में मतदान कर दिया जिनकी बजह से देश मेअराजकता, आतंकवाद,लूट खसोट, महिलाशक्ति के साथ होने वाले अत्याचारो के समर्थकों,अपराधी माफियायों की पैरोकारी करने वाले दलों को जिताने में अपनी बहुत बड़ी भूल की,जिसका अंदाज अब उनको हो गया।लेकिन इन सब के बाबजूद भी जिस तरह से एनडीए की सरकार पदारूढ़ होने जा रही है, उससे विपक्षीयों के हौंसले परस्त हो गए हैं।क्योंकि एनडीए में ब्रह्मा,विष्णु,महेश,यानि कि चंद्राबावू नायडू,मोदी जी और नीतीश कुमार ने एक साथ आकर देश की अस्मिता,और अखंडता के साथ खिलवाड़ करने वाली कांग्रेस और सपा के मंसूबो पर जो पानी फेरा है, उससे जनता को भी अपनी भूल का अहसास हो गया है।मजे की बात तो यह है कि चुनाव मे कांग्रेस द्वारा महिलाओं को एक लाख रुपया देने के वायदे के मद्देनजर जब तमाम महिलाएँ कांग्रेस दफ़्तर पहुँची तो उनकी सुनने वाला कोई नजर नहीं आया।रविवार को एनडीए की सरकार बनने से पूर्व संसदीय दल की बैठक में मोदी जी की गरिमामयी उपस्थित में जेडीयू के नेता एवं मुख्यमंत्री विहार प्रान्त ने जिस तरह से मोदीं को संसदीय दल का नेता चुनते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम तहेदिल से मोदी जी के साथ हैं, और पूरे समय एडीए के साथ ही रहेगें।चंद्रबाबू नायडू ने भी मोदीं जी को नेता मानते हुए अपना साथ हमेसा देने के लिए वचन दिया।अब जब रविवार को मोदी जी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे तो विपक्षियों के सीने पर सांप लोट जाएगा।वही 99 के चक्कर मे फंसी कांग्रेस का भविष्य में कभी सत्ता सुख पाने का सपना पूरा होगा,यह भविष्य ही तय करेगा।फिलहाल तो पांच साल फिर इंतजार करो।
लोकसभा 2024 फिर एक बार मोदी सरकार, 99 के चक्कर में फंसी कांग्रेस






